बालोतरा जिला कलेक्टर के समक्ष गत वर्ष 10 नवंबर को एक दलित परिवार ने उपस्थित होकर अपनी परिवेदना प्रस्तुत कर न्याय दिलाने की लगाई गुहार, मामले की गंभीरता को देख जिला कलेक्टर बालोतरा ने तुरंत तहसीलदार पचपदरा को इस संबंध में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का दिया निर्देश, परंतु इस मामले में जांच कार्यवाही में लगातार विलंब होने को देखते पीड़ित दलित परिवार के नेमाराम पुत्र स्वर्गीय ढलाराम भील निवासी बालोतरा ने जिला कलेक्टर के समक्ष तीन महीनों में तीन बार अपनी परिवेदना प्रस्तुत कर त्वरित कार्रवाई कर न्याय दिलाने की गुहार लगाने के बावजूद अभी तक इस संबंध में जांच कार्रवाई में कोई प्रगति नहीं होना जिला कलेक्टर के निर्देशों की अधिनस्थ अधिकारियों द्वारा अव्हेलना करने की श्रेणी में ही माना जाएगा।
मामला यह है कि दलित एसटी कृषक के परिजनों ने जिला कलेक्टर के समक्ष बार बार प्रस्तुत परिवादों में तहसील पचपदरा जिला बालोतरा के राजस्व ग्राम मंडापुरा के खसरा नंबर 802 रकबा एक बीघा राजस्व रिकार्ड में एसटी कृषि भूमि का 08 फ़रवरी 07 को विहित प्राधिकारी पचपदरा द्वारा जारी किया गया संपरिवर्तन आदेश एवं पत्रावली की जांच कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई जा रही है। दलित परिवार का आरोप राजस्थान ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि संपरिवर्तन नियमावली 1992 के नियमों का उल्लघंन कर एसटी कृषि भूमि संपरिवर्तन आदेश जारी किया गया जबकि पत्रावली में भूमि संपरिवर्तन आदेश से पूर्व विहित प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत पटवारी जांच रिपोर्ट दिनांक 17/01/2006 में सभी आवश्यक प्रमाणित दस्तावेज संल़ग्न माना गया जबकि कायम पत्रावली में पटवारी जांच रिपोर्ट दिनांक के छः से ग्यारह महीने बाद दिनांक के सभी दस्तावेज छद्म रूप से छलपूर्वक पत्रावली में शामिल किया गया है।
पटवारी जांच रिपोर्ट दिनांक को अगर सभी आवश्यक दस्तावेज पटवारी ने आवेदन के साथ संल़ग्न माना है तो पत्रावली में शामिल चालान रसीदों सहित अन्य सभी आवश्यक दस्तावेज पटवारी जांच रिपोर्ट के बाद दिनांक के पत्रावली में शामिल करना करना संभव होगा? 08 फ़रवरी 07 को भूमि संपरिवर्तन नियमावली 1992 के नियम लागू था, विहित प्राधिकारी द्वारा नियमों की अव्हेलना कर एसटी कृषि भूमि का आवासीय संपरिवर्तन आदेश जारी कर मात्र 20 दिन पश्चात संपरिवर्तन नियमावली 1992 के नियम 10 का उल्लघंन में एसटी संपरिवर्तन भूमि का सामान्य वर्ग को आयकर नियमों का उल्लघंन कर नकद राशि भुगतान दर्शा कर विक्रय रजिस्ट्री करने का पीड़ित दलित परिवार ने लगाया लगाया आरोप।
इस मामले में विक्रय रजिस्ट्री एवं एसटी कृषि भूमि संपरिवर्तन नियमावली 1992 के नियमों का उल्लघंन का आरोप लगाते हुए एसटी कृषक के परिजनों ने बालोतरा जिला कलेक्टर के समक्ष बार बार फरियाद करने के बावजूद मृतक एसटी कृषक के परिजनों की तीन महीनों से कहीं कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। अब इस गरीब दलित परिवार को न्याय और इंसाफ़ कब और कहां मिलेगा बालोतरा जिला प्रशासन के सामने यह मुखर सवाल खड़े हो रहे हैं?