“मनरेगा बचाओ संग्राम” का शंखनाद – विश्वनाथगंज में गूंजा मजदूरों का स्वर, पंचायत अधिकारों पर ‘हमला’ बर्दाश्त नही। - अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज़

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    Wednesday, February 11, 2026

    “मनरेगा बचाओ संग्राम” का शंखनाद – विश्वनाथगंज में गूंजा मजदूरों का स्वर, पंचायत अधिकारों पर ‘हमला’ बर्दाश्त नही।

    अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज (कमल जीत शीमार ऑनलाइन डेस्क ब्यूरो (ABD) न्यूज) : (प्रतापगढ़/यूपी विपिन ओझा: संवाददाता अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज़) महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने व उसे कमजोर करने के कथित प्रयासों के विरोध में बुधवार को विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्र के लक्ष्मणपुर विकास खण्ड की तिना चितरी ग्रामसभा में सैकड़ों जॉब कार्ड धारकों की मौजूदगी में “मनरेगा बचाओ संग्राम” चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला उपाध्यक्ष आर.पी. वर्मा ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के माल्यार्पण और स्वागत सम्मान से हुई। चौपाल में ग्रामीणों की भारी भागीदारी ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवनरेखा है।
    “राज्यों पर आर्थिक बोझ, मजदूरों पर संकट” – डॉ. नीरज त्रिपाठी

    कांग्रेस जिला अध्यक्ष डॉ. नीरज त्रिपाठी ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा: “यूपीए सरकार के समय मनरेगा में 90% वित्तीय हिस्सेदारी केंद्र और 10% राज्य की होती थी। अब इसे बदलकर 60% केंद्र और 40% राज्य कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश पहले से ही 7 लाख 69 हजार करोड़ रुपये के कर्ज में डूबा है। ऐसे में राज्यों पर अतिरिक्त बोझ डाला जाना गरीब मजदूरों के हितों पर सीधा प्रहार है।” उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण निर्णय बताते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी इसका पुरजोर विरोध करेगी।
    “ग्रामसभा के अधिकारों पर सीधा हमला” – आर.पी. वर्मा

    जिला उपाध्यक्ष आर.पी. वर्मा ने कहा कि पहले मनरेगा के अंतर्गत कार्यों का चयन ग्रामसभा करती थी, जिससे स्थानीय जरूरतों के अनुरूप रोजगार सृजन होता था।
    “अब केंद्र सरकार स्वयं काम तय करने जा रही है। यह पंचायतों के अधिकारों पर सीधा हमला है और लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण को कमजोर करने का प्रयास है।” उन्होंने मांग की कि मनरेगा को अधिकार-आधारित कानून के रूप में पूरी मजबूती से लागू किया जाए।
    “सड़क से संसद तक संघर्ष” – संजय पाण्डेय

    जिला महासचिव संजय पाण्डेय ने कहा कि सरकार मनरेगा को समाप्त करने की साजिश कर रही है और कांग्रेस पार्टी इस साजिश के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष जारी रखेगी। व्यापक जनभागीदारी चौपाल में मुख्य रूप से मनरेगा प्रभारी रवि भूषण सिन्हा, SIR प्रभारी रामशिरोमणि वर्मा, कोषाध्यक्ष वेदान्त तिवारी, पूर्व प्रदेश महासचिव (अनुसूचित जाति विभाग) छोटे लाल सरोज, ब्लॉक अध्यक्ष रविंद्र मिश्र, कार्यालय सचिव संस्कार मिश्र, सहित बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता एवं ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं।
    ग्रामीण महिलाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति ने इस आंदोलन को जनांदोलन का स्वरूप दे दिया।

    राजनीतिक संदेश साफ

    “मनरेगा बचाओ संग्राम” चौपाल ने स्पष्ट कर दिया कि ग्रामीण रोजगार का मुद्दा आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक और सामाजिक विमर्श बनने जा रहा है। पंचायत अधिकार, राज्य की आर्थिक स्थिति और मजदूरों की आजीविका – तीनों सवालों ने इस कार्यक्रम को सिर्फ एक विरोध नहीं, बल्कि नीति-स्तर की बहस में बदल दिया है।

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