जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), कुल्लू द्वारा सांस्कृतिक धरोहर स्थलों के लिए आपदा जोखिम प्रबंधन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जो 21 से 23 जनवरी 2025 तक सेमिनार हॉल, बचत भवन, डीसी कार्यालय, जिला कुल्लू में आयोजित हुआ।
इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को सांस्कृतिक धरोहर स्थलों की सुरक्षा के लिए विभिन्न सत्रों में प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें आपदा जोखिम प्रबंधन, सांस्कृतिक धरोहर का मूल्यांकन, स्थानीय ज्ञान का उपयोग और जोखिम मानचित्रण तकनीक शामिल थे। प्रतिभागियों ने समूह गतिविधियों के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया और अपने निष्कर्ष प्रस्तुत किए।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कारदार संघ, आपदा मित्र, गैरसरकारी संगठनों, और विभिन्न सरकारी विभागों के प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य आपदाओं के दौरान सांस्कृतिक धरोहर स्थलों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए जागरूकता और प्रबंधन तकनीकों का विकास करना था।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपायुक्त कुल्लू, तोरूल एस. रवीश ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण युवा पीढ़ी को सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और उनकी सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाते हैं। उन्होंने विशेष रूप से छात्रों को सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण के लिए आगे आने और अपनी पारंपरिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।
समापन समारोह में अतिरिक्त उपायुक्त कुल्लू, अश्वनी कुमार, जिला राजस्व अधिकारी डॉ. गणेश ठाकुर, और तहसीलदार (रिकवरी) सुरभी नेगी भी उपस्थित रहे। उपायुक्त कुल्लू ने प्रशिक्षण के सफल आयोजन के लिए डीडीएमए कुल्लू की पूरी टीम को बधाई दी और इस प्रयास को सराहा।
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