📰 अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज़
विशेष रिपोर्ट :डी० पी० रावत
हिमाचल प्रदेश के जिला चम्बा में पंचायती राज संस्थाओं के तहत सृजन, पुनर्गठन और समावेशन की प्रक्रिया को लेकर एक अहम पड़ाव पूरा हो चुका है। पंचायत चुनाव 2026 को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायतों की निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। यह कदम न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि स्थानीय लोकतंत्र को और मजबूत करने की दिशा में भी एक निर्णायक पहल माना जा रहा है। 🏛️
उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि जिले के विभिन्न विकास खंडों में चयनित ग्राम पंचायतों के लिए यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि यह कार्य आगामी पंचायत चुनावों की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक था।
📊 किन-किन पंचायतों में पूरी हुई प्रक्रिया?
प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, जिले के चार प्रमुख विकास खंडों—भटियात, चम्बा, मैहला और सलूणी—की चयनित ग्राम पंचायतों में निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन किया गया है।
🟢 विकास खंड भटियात
- ग्राम पंचायत समोट
- ओसल
- जसूर
- देवी देहरा
🔵 विकास खंड चम्बा
- ग्राम पंचायत उदयपुर
- भनोता
- सरू
- चनेड
🟡 विकास खंड मैहला
- ग्राम पंचायत बाट
- सराहन
- राड़ी
- किलोड़
- सुनारा
- घलुण
- मैहलोह
- कलमला
- भटवाड़ा
- तागी
🔴 विकास खंड सलूणी
- ग्राम पंचायत सनूंह
- भान्दल
- भासुआ
- संघणी
इन सभी पंचायतों में मतदाता सूचियों को अंतिम रूप देने के बाद अब चुनावी प्रक्रिया के अगले चरणों की तैयारी शुरू हो चुकी है।
📅 1 अप्रैल 2026: मतदाता सूची की आधार तिथि
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पंचायत चुनाव 2026 के लिए मतदाता सूचियों को अद्यतन करने हेतु 1 अप्रैल 2026 को अहर्ता तिथि (Qualification Date) माना गया है। इसका अर्थ यह है कि इस तिथि तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल किया गया है।
👉 इस प्रक्रिया के तहत:
- नए मतदाताओं का पंजीकरण किया गया
- मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए गए
- त्रुटियों का सुधार किया गया
यह सुनिश्चित किया गया कि हर पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिल सके और कोई भी योग्य मतदाता इससे वंचित न रहे। 🗳️
⚖️ लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने की पहल
पंचायती राज व्यवस्था भारत के लोकतंत्र की नींव मानी जाती है। गांव स्तर पर शासन और विकास की जिम्मेदारी इन्हीं संस्थाओं के हाथ में होती है। ऐसे में निष्पक्ष और सटीक मतदाता सूची तैयार करना अत्यंत आवश्यक है।
इस संदर्भ में उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और त्रुटिरहित हो। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि यदि किसी को मतदाता सूची में कोई त्रुटि दिखाई देती है तो वह समय रहते संबंधित कार्यालय में संपर्क करें।
📢 नागरिकों के लिए क्या है संदेश?
जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे:
- अपनी मतदाता सूची में नाम की पुष्टि अवश्य करें
- किसी भी गलती या छूट की सूचना तुरंत दें
- चुनाव

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