पीएम श्री राजकीय(बालक) आदर्श वरिष्ट माध्यमिक विद्यालय आनी, ज़िला कुल्लू हिमाचल प्रदेश के नाम जहां के प्रधानाचार्य अमर चौहान राज्य शिक्षक पुरस्कार से पुरस्कृत हैं और जहां के छात्रों ने राष्ट्रीय स्तरीय लोक नृत्य प्रतियोगिताओं में अपना सिक्का जमाया है;उसी उत्कृष्ट शिक्षा मन्दिर में पिछले पांच शिक्षकों द्वारा सामूहिक रूप से हाथ,लात, डंडों से बेहरामी से जमा एक कक्षा के छात्र की पिटाई का मामला सामने आया है।
बताया जा रहा है कि विद्यालय की किसी छात्रा के मुंह पर किसी अन्य छात्र ने कोई तरल पदार्थ तेल लगाया। जिसके बाद छात्रा रोने लगी। उसके बाद चार पांच अध्यापकों ने मिलकर निर्ममता पूर्व पीड़ित छात्र की पिटाई की।
पिछले कल दोनों पक्षों में पुलिस थाना आनी में समझौता ही चुका था।
बावजूद इसके आज सुबह पीड़ित छात्र की मां ने फिर से मुद्दा उठाया।
साथ ही साथ पीड़ित छात्र और उसके प्रत्यक्षदर्शी लगभग दस पन्द्रह छात्र मित्रों ने आनी बाज़ार में एक विरोध रैली निकाली और बाद में उन्होंने आरोपी शिक्षकों को निलम्बित करने की मांग हेतु ज्ञापन सौंपा।
एसएमसी अध्यक्ष रमेश ने मध्यस्ता करते हुए दोनों पक्षों में समझौता करा लिया है।
▶️क्या है कानूनी प्रावधान?
संविधान के अनुच्छेद 21 के अन्तर्गत प्रदत शिक्षा के अधिकार 2009 की धारा 17 के तहत छात्रों की पिटाई पूरी तरह प्रतिबंधित है। किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 75 के अंतर्गत यदि कोई शिक्षक छात्रों की पिटाई करता है और दोष सिद्ध होने पर दोषी शिक्षक को पांच साल की सश्रम कठोर कारावास और पांच लाख रूपये तक आर्थिक दण्ड का प्रावधान है।
▶️शिक्षकों को कानून का कोई भय ही नहीं।
सरकार ने शिक्षा के अधिकार 2009 को 2010 से लागू किया है। जिसके उचित कार्यान्वयन के लिए समय समय पर सरकार द्वारा सभी शिक्षकों और आम जनता की साक्षरता हेतु पग उठाए जाते हैं फिर भी शिक्षक पुरानी शिक्षण पद्धति के तहत शारीरिक दण्ड के मोह से मुक्त नहीं हो रहे हैं।
▶️छात्रों ने आनी बाज़ार में निकाली रोष रैली और लगाए नारे: We want justice for Hudda, सौंपा एसडीएम को ज्ञापन।
एसडीएम नरेश वर्मा ने शिक्षा निदेशक शिमला व उप निदेशक कुल्लू से इस मामले में विभागीय जांच व त्वरित कार्यवाही करने की सिफ़ारिश करने का आश्वासन दिया।
▶️सोशल मीडिया पर लोगों ने आरोपी शिक्षकों को निलम्बित और कानूनी दण्ड देने के बारे में अपनी अपनी राय दी।
प्रश्न अब ये उठते हैं कि
▶️क्या विभाग शिक्षा के अधिकार 2009 की धारा 17 और किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 75 की अवहेला होने पर आरोपी शिक्षकों को निलम्बित करेगा या नही?
▶️ क्या अब यह मामला ठंडे बस्ते में दब जाएगा?
▶️क्या आरोपी शिक्षक भविष्य ऐसी गलती सुधार देंगे?
या हर बार की तरह आरोपी शिक्षकों को विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा यूं ही समझौता करके बचाया जाएगा?
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