बोले...‘गुड स्मार्टियन योजना’ से भी सड़क हादसों में जनहानि में कमी लाने के होंगे प्रयास
ऊना/अंकुश शर्मा:ऊना जिला के लिए एक व्यापक सड़क सुरक्षा प्लान बनाया जाएगा। इसमें सड़कों को सुरक्षित तथा यातायात को जोखिम रहित बनाने को लेकर कार्ययोजना होगी। उपायुक्त जतिन लाल ने गुरुवार को जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित 6 हितधारक विभागों से 26 मार्च तक इसे लेकर अपने प्रस्ताव उपायुक्त कार्यालय में सौंपने के निर्देश दिए। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, शहरी निकाय, लोक निर्माण तथा परिवहन विभाग सम्मिलित हैं।
उपायुक्त ने सभी एसडीएम को अपने क्षेत्र में शिक्षा विभाग तथा शहरी निकायों के अधिकारियों के साथ बैठक कर सड़क सुरक्षा प्रस्तावों तथा बजट प्राक्कलन को अंतिम रूप देने को कहा। यह सुनिश्चित बनाने को कहा कि कार्ययोजना में सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी जरूरी पहलू सम्मिलित किए जाएं। वहीं स्वास्थ्य, पुलिस, लोक निर्माण तथा परिवहन विभाग के जिला अधिकारियों को अपने प्रस्ताव तथा प्राक्कलन तैयार कर सौंपने के निर्देश दिए। इन प्रस्तावों को जिला सड़क सुरक्षा प्लान में सम्मिलित कर एक वृहद योजना तैयार की जाएगी, जिसे स्वीकृति तथा बजट प्रावधान के लिए राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा काउंसिल को भेजा जाएगा।
उपायुक्त ने कहा कि प्रस्तावों में सड़क सुरक्षा को लेकर सीसीटीवी कैमरे लगाने,क्रैश बैरियर, पैरापेट, लाइट रिफ्लेक्टर,ब्रेकर समेत अन्य साजो सामान, जन जागरूकता अभियान चलाने जैसे बिंदु भी शामिल करें।
जतिन लाल ने कहा कि जिले में दुर्घटना संभावित स्थलों एवं ब्लैक स्पॉट की पहचान करके उनके सुधार के लिए योजनापूर्वक कार्य करें। उन्होंने सड़क सुरक्षा को लेकर जन जागरूकता लाने और ढांचागत सुधार एवं विकास पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने वाहनों की फिटनेस तथा चालकों द्वारा यातायात नियमों का अनुपालन तय बनाने पर फोकस करने, सड़क सुरक्षा कानूनों को सख्ती से लागू करने तथा आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की तुरंत उपलब्धता तय बनाने को लेकर कार्य करने पर बल दिया।
सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की सहायता के लिए लोगों को प्रेरित करेगी ‘गुड स्मार्टियंस’ योजना
उपायुक्त ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की सहायता के लिए लोगों को प्रेरित करने के उद्देश्य से ‘गुड स्मार्टियंस’ नामक योजना आरंभ की गई है। इसमें सड़क दुर्घटना में पीड़ित को हादसे के तुरंत बाद शुरुआती एक घंटे के भीतर ‘गोल्डन आवर’ में अस्पताल पहुंचा कर उसकी जान बचाने का प्रयास करने वाले लोगों को प्रशस्ति पत्र तथा 5000 रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की इस योजना का मकसद लोगों को सड़क हादसों में घायलों की मदद करने और दुर्घटना में मृत्यु के मामलों में कमी लाना है।
जतिन लाल ने कहा कि योजना के मुताबिक एक गुड स्मार्टियन (नेक मददगार) के रूप में एक व्यक्ति को एक साल में अधिकतम पांच बार पुरस्कार प्रदान किया जा सकता है। इस पुरस्कार के अलावा राष्ट्रीय स्तर पर 10 सबसे नेक मददगारों को एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत स्थानीय थाना पुलिस डॉक्टरों के सत्यापन के साथ गुड स्मार्टियन का ब्यौरा लेगी तथा निर्धारित फॉर्म भर कर जिला स्तरीय मूल्यांकन समिति को भेजेगी। जिलाधीश की अध्यक्षता में बनी यह समिति पुरस्कार की अनुशंसा करेगी।
ऊना में बीते 3 साल में 610 सड़क दुर्घटनाएं, 265 की गई जान
उपायुक्त ने बैठक में जिले में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों पर चिंता जाहिर करते हुए इनमें कमी लाने के लिए लक्षित प्रयास करने पर बल दिया। आंकड़ों के मुताबिक ऊना में बीते 3 साल में साल 2021, 22 और 23 में 610 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें 265 व्यक्तियों की दुखद मृत्यु हो गई, वहीं 921 लोग घायल हुए। अधिकतर मामलों में दुर्घटनाओं का कारण तेज रफ्तार से गाड़ी चलाना और लापरवाही से ओवरटेक करने जैसे कारण सम्मिलित हैं।
ये रहे उपस्थित
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक(एलआर) सुरिन्द्र शर्मा, एसडीएम ऊना विश्व मोहन देव चौहान, एसडीएम गगरेट सोमिल गौतम, एसडीएम हरोली राजीव ठाकुर, एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग जीएस राणा, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अशोक कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
Best Digital Marketing Services – Click Here
No comments:
Post a Comment
Thanks for contact us. We will contact you shortly.