ऊना/अंकुश शर्मा: दिलों में संघर्ष, सेवा और सहयोग की अनंत प्ररेणा लिए डॉ. आस्था और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की पदयात्रा विभिन्न पड़ावों से होते हुए दूसरे दिन मुबारकपुर पहुंची। स्वर्गीय प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री के जीवन पर्यंत समर्पण और उनके निस्वार्थ सेवा भाव के सम्मान को अर्पित इस पदयात्रा में हर जगह लोगों का हुजूम रहा, वहीं इस दौरान स्नेह और साथ देने के भाव से हजारों हाथ सहयोग में जुटे दिखे।
बता दें, डॉ. आस्था अपने पिता मुकेश अग्निहोत्री के साथ अपनी मां स्वर्गीय प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की आत्मिक शांति के साथ साथ सभी के लिए माता चिंतपूर्णी का आशीर्वाद लेने की मंगलकामना के साथ माता चिंतपूर्णी मंदिर के लिए पदयात्रा पर निकली हैं।
पैरों में छाले, पिता ने निभाया मां का फर्ज
शुक्रवार को आस्था कुंज गोंदपुर जयचंद हरोली से आरंभ हुई यह पदयात्रा पहले दिन रात्रि ठहराव क लिए खड्ड में रूकी थी। वहां से शनिवार प्रातः यात्रा आरंभ की तो बारिश-तूफान रास्ते की बाधा बन कर सामने थे। पर प्रो. सिम्मी की अधूरी इच्छा को पूरा करने के संकल्प को लेकर फौलादी इरादों से आगे बढ़ते कदमों को कोई बाधा नहीं रोक पाई। इस पदयात्रा में मुकेश अग्निहोत्री पिता के साथ साथ बेटी आस्था के लिए मां का फर्ज भी निभाते दिखे। उन्होंने बेटी के पैरों में निकल आए छालों पर बड़े लाड से मरहम लगाया और हर बाधा को पीछे छोड़ बढ़ते चले जाने का हौंसला दिया।
बेटी के संकल्प में सहयोगी होकर चल रहा हूं साथ - मुकेश अग्निहोत्री
स्नेह और आशीर्वाद के लिए जनता जनार्दन का आभार
वहीं उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि वे बेटी के संकल्प में सहयोग करने की भावना से उनके साथ पदयात्रा में चल रहे हैं। यह आस्था का जज्बा और हिम्मत ही है कि वे अपनी मां के लिए इस तरह की पदयात्रा पर निकली हैं। इस कठिन समय में जनता का जिस प्रकार का स्नेह और साथ हमें मिल रहा है, उसके लिए जितना आभार जताएं कम होगा। यह पदयात्रा प्रो. सिम्मी के समर्पण और उनके निस्वार्थ सेवा भाव के सम्मान की यात्रा है।
बता दें, प्रो. सिम्मी अपने पति प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की चुनावी जीत पर हर बार माता चिंतपूर्णी की पदयात्रा करती थीं। उन्होंनेे पांच बार नंगे पांव यह पदयात्रा की थी। इस बार भी वे पति की चुनावी जीत के बाद माता चिंतपूर्णी के मंदिर नंगे पांव माथा टेकने पहुंची थीं। इस वर्ष भी 12 फरवरी को घर पर माता रानी का जागरण रखा हुआ था परंतु जागरण से पहले ही वो हमें छोड़ कर चले गई।
*डॉ. आस्था बोलीं...ये हमारे लिए भावुक पल, जनता का प्यार बना है संबल*
डॉ. आस्था ने कहा कि यह पदयात्रा उनके और उनके पिता के लिए भावुक पल है। पहले उन्होंने मां सिम्मी अग्निहोत्री के साथ यह पदयात्रा की थी। अब मां सशरीर तो साथ नहीं हैं पर उनका आशीर्वाद और प्ररेणा निरंतर साथ है। यही उनका बल है। इस समय में जनता का अथाह प्यार उनका संबल बना है।
*दूसरे दिन यहां से गुजरी पदयात्रा, कल माता चिंतपूर्णी मंदिर में दर्शन के साथ होगी संपन्न*
पदयात्रा के दूसरे दिन डॉ. आस्था अपने पिता मुकेश अग्निहोत्री तथा स्वेच्छा से बड़ी तादाद में साथ चले लोगों के संग भदसाली, ईसपुर, पंडोगा,पंजावर,नगनोली, गुग्लैहड़, बढेडा राजपूतां, जाडला, लोहारली, चरूड़ू और अंब से होते हुए मुबारकपुर पहुंचीं। यात्रा में हर आमोखास के साथ साथ चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू, ऊना के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा, जिला ऊना कांग्रेस के अध्यक्ष रणजीत सिंह राणा, ऊना यूथ कांग्रेस अध्यक्ष राधव ठाकुर समेत राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की अनेक हस्तियां भी शामिल हुईं।
यह पदयात्रा रविवार को प्रातः मुबारकपुर से आंरभ होकर माता चिंतपूर्णी मंदिर में दर्शन के साथ संपन्न होगी।
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