हिमाचल की सुक्खू सरकार एक्शन मोड में आ गई है। प्रदेश सरकार ने अप्रैल 2022 के बाद राज्य में खोले गए बिजली बोर्ड के 32 दफ्तर डिनोटिफाई कर दिए हैं।
बंद किए गए दफ्तरों में 3 सर्किल ऑफिस, 12 डिविजन ऑफिस, 17 सब डिविजन लेवल के दफ्तर शामिल हैं। डिनोटिफाई दफ्तरों में तैनात स्टाफ के समायोजन को लेकर जल्द अलग से आदेश जारी किए जाएंगे।
वहीं इन दफ्तरों को बंद करने के पीछे तर्क दिया जा रहा है कि पूर्व सरकार ने बजट और स्टाफ का प्रावधान किए बगैर ही इन्हें खोल दिया था।
बंद किए गए डिविजन लेवल के दफ्तर
पूर्व जयराम सरकार ने आखिर के 9 महीने में मंडी के नेरचौक, शिलाई, संगड़ाह, सुजानपुर, थुनाग, दवी-मारहू-मुंडल, भावानगर, तीसा, भोरंज, और हरोली में न्यू इलेक्ट्रिकल डिविजन खोला था। इन्हें बंद कर दिया है।
सिरमौर के कफोटा, पांवटा के संतोषगढ़, रागढ़ के चंदोल, रोहड़ू के क्वार, सोलन के चायल, सिरमौर के संगड़ाह, सिरमौर के हरिपुरधार, शिमला के शोघी, जंगलबैरी, थुनाग, बागाचनलोग, धीरा, नकरोड़, निरथ, लदरोर और घुमारवीं के जजीवन में न्यू इलेक्ट्रिकल में खुले सब डिविजन को डिनोटिफाई कर दिया गया है।
बिजली बोर्ड कर्मचारियों ने किया स्वागत
राज्य की बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कामेश्वर दत्त शर्मा व महासचिव हीरा लाल वर्मा ने बताया कि चुनाव से पहले बिजली बोर्ड में राजनीतिक लाभ की मंशा से खोले गए दफ्तर डिनोटिफाई करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया है।
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