मनरेगा बचाओ संग्राम में गरजे कांग्रेस नेता
31 जनवरी,प्रतापगढ़ |
विपिन ओझा, विशेष रिपोर्ट | अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज़
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के शहादत दिवस पर उत्तर प्रदेश के ज़िला प्रतापगढ़ में “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार मोर्चा खोला। शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर जिले के विभिन्न ब्लॉकों में गांधी प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया गया और मनरेगा को पूरी तरह बहाल करने की मांग उठाई गई।
सदर विकास खंड कार्यालय पर आयोजित एक दिवसीय धरने में कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. नीरज त्रिपाठी ने भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा—
“आज देश में महात्मा गांधी के नाम, विचार और प्रतीकों को योजनाबद्ध तरीके से मिटाने की साजिश रची जा रही है। नफरत, हिंसा और विभाजन की राजनीति गांधीजी की अहिंसा और भाईचारे की विचारधारा पर हमला है।”
डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि गांधीजी ने सत्य और अहिंसा से देश को आज़ादी दिलाई, जबकि मौजूदा सरकार डर, दमन और झूठ के सहारे सत्ता चला रही है। संविधान और लोकतंत्र पर हो रहे हमले देश के भविष्य के लिए घातक हैं।
उन्होंने दो टूक कहा—
“जो लोग गांधीजी के हत्यारों की विचारधारा से प्रेरित हैं, वे कभी देशहित में नहीं हो सकते। कांग्रेस गांधी के विचारों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।”
सेवादल जिलाध्यक्ष महेंद्र शुक्ल ने कहा कि इतिहास से छेड़छाड़ और महापुरुषों के योगदान को कमतर दिखाने की कोशिशें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
वहीं सदर ब्लॉक अध्यक्ष मो. वसीम और कार्यालय सचिव रियाज सुल्तान ने मनरेगा को गरीब, मजदूर और किसानों की जीवनरेखा बताते हुए कहा कि सरकार की नीतियों से यह योजना कमजोर की जा रही है।
जिला सचिव मो. दिलशाद ने चेतावनी दी कि जब तक मजदूरों को समय से काम और भुगतान नहीं मिलेगा, तब तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा।
धरना प्रदर्शन में कोषाध्यक्ष वेदान्त तिवारी, प्रेम शंकर द्विवेदी, चन्द्रनाथ शुक्ल, सरोज कश्यप, मीरा देवी गौतम, डॉ. दीपक शुक्ल, के.के. शुक्ल, फतेह बहादुर सिंह, आद्या प्रसाद द्विवेदी, कृष्णा बिहारी शुक्ल, मो. कासिम सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




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