डी० पी०रावत। आनी | 13 अगस्त — हिमाचल प्रदेश के कुल्लू ज़िले के आनी कस्बे में बुधवार को किसान सभा और सेब उत्पादक संघ के बैनर तले ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन हुआ। यह प्रदर्शन हाई कोर्ट द्वारा भू-राजस्व धारा 163A को निरस्त करने के खिलाफ किया गया।
बाज़ार में निकाली रैली
किसानों और बाग़बानों ने पूरे आनी बाज़ार में रैली निकाली और नारेबाज़ी की। इसके बाद उन्होंने एसडीएम आनी के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंपा।
पूर्व सरकारों पर ठगने के आरोप
किसान सभा आनी के अध्यक्ष प्रताप ठाकुर ने आरोप लगाया कि बीजेपी की धूमल सरकार और कांग्रेस की वीरभद्र सरकार — दोनों ने वोट बैंक की राजनीति के तहत गरीब किसानों को गुमराह किया। उन्होंने कहा कि धूमल सरकार के समय पाँच बीघा तक के अवैध कब्जे को नियमित करने के लिए लाखों फ़ॉर्म भरे गए, लेकिन हकीकत में किसानों को राहत नहीं मिली।
वन अधिनियम पर भी निशाना
किसान सभा के राज्य नेता डॉ. ओंकार शाद ने कहा कि केंद्र सरकार ने विदेशी दबाव में 1980 का वन संरक्षण अधिनियम लागू किया, जिससे हिमाचल की 80% और कुल्लू ज़िले की 90% भूमि वनों के अधीन हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के पास किसानों को देने के लिए अब कोई ज़मीन नहीं है।
कई नेता और कार्यकर्ता शामिल
रैली में कॉमरेड रमेश कुमार, पदम प्रभाकर, गीताराम, ओमी सहित दर्जनों कार्यकर्ता शामिल हुए और नारेबाज़ी कर सरकार से किसानों के हक़ में क़दम उठाने की मांग की।
इस विरोध प्रदर्शन में किसानों को संबोधित करते हुए सभी नेताओं ने प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से उच्चतम न्यायालय में जन हित याचिका दायर करने की गुहार लगाई है।
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