कोटशेरा कॉलेज में छात्र आक्रोशित : SFI ने गिनाईं 3 बड़ी मांगें, दी आंदोलन की चेतावनी - अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज़

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    Thursday, July 24, 2025

    कोटशेरा कॉलेज में छात्र आक्रोशित : SFI ने गिनाईं 3 बड़ी मांगें, दी आंदोलन की चेतावनी

     


    छात्रों की मांगें : हॉस्टल सुविधा, PTA घोटाले की जांच और SCA चुनाव की बहाली


    राजधानी शिमला के कोटशेरा महाविद्यालय में आज स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की स्थानीय इकाई ने छात्रों की मूलभूत समस्याओं को लेकर ज़ोरदार धरना-प्रदर्शन किया। छात्रों ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी करते हुए तीन प्रमुख मांगों को लेकर मोर्चा खोला।


    तीन मुख्य मांगों को लेकर प्रदर्शन


    प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कैंपस में इन तीन मांगों को प्रमुखता से उठाया:


    छात्रों के लिए हॉस्टल की सुविधा जल्द उपलब्ध कराई जाए


    PTA फंड के नाम पर हो रही लूट बंद हो


    छात्र संघ चुनाव (SCA) की बहाली जल्द से जल्द हो


    20 वर्षों से लंबित है हॉस्टल निर्माण – SFI


    इकाई सचिव तिलक राज ने कहा कि पिछले दो दशकों से हॉस्टल की मांग की जा रही है, लेकिन प्रशासन और सरकार की अनदेखी अब छात्रों के सब्र का इम्तिहान ले रही है। उन्होंने बताया कि 2014 में हॉस्टल निर्माण के लिए बजट आवंटित हो चुका था, लेकिन “भूमि की अनुपलब्धता” का हवाला देकर काम शुरू नहीं किया गया।


    "अब वक्त आ गया है कि प्रशासन भूमि का निरीक्षण कर जल्द से जल्द हॉस्टल का निर्माण कार्य शुरू करे, ताकि छात्रों को शिमला जैसे महंगे शहर में दर-दर भटकना न पड़े," — तिलक राज, सचिव, SFI कोटशेरा इकाई 


    PTA फंड घोटाले की जांच की मांग


    SFI ने PTA फीस घोटाले को लेकर भी कॉलेज प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया। सचिव तिलक राज ने बताया कि कोरोना काल 2020-21 में छात्रों से लगभग ₹21.60 लाख PTA फंड के रूप में वसूले गए, लेकिन उसका कोई हिसाब कॉलेज के पास नहीं है।


    इस संबंध में SFI द्वारा RTI भी दाखिल की गई थी, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। संगठन ने स्पष्ट कहा कि यदि पारदर्शिता नहीं बरती जाती है, तो PTA के नाम पर छात्रों से किसी भी प्रकार की फीस वसूली अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


    छात्र संघ चुनाव पर लगी रोक को बताया लोकतंत्र की हत्या


    सचिवालय सदस्य अंकित ने कहा कि 2014 से SCA चुनाव पर लगी रोक छात्रों के जनवादी अधिकारों का सीधा हनन है। इससे प्रशासन और छात्रों के बीच संवाद की प्रक्रिया खत्म हो गई है और प्रशासन की मनमानी, तानाशाही और लगातार फीस वृद्धि जैसे हालात बन गए हैं।


     "छात्र संघ चुनावों की बहाली ही छात्र-प्रशासन के बीच सेतु का काम कर सकती है। सरकार को छात्रों के इस संवैधानिक अधिकार को तुरंत बहाल करना चाहिए," — अंकित, सचिवालय सदस्य


    यदि मांगें नहीं मानी गईं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी


    प्रदर्शन के अंत में SFI नेताओं ने कहा कि यदि इन मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में कोटशेरा कॉलेज में तेज और उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी ज़िम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।


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