📍 एक बार उल्लंघन पर ₹1,000, दोबारा पर ₹2,000 तक का जुर्माना; सिंगल यूज़ प्लास्टिक, खुले में शौच और गंदगी फैलाने पर पूरी तरह रोक
डी०पी० रावत।
निरमण्ड, 21 जून।
इस वर्ष 10 जुलाई से 23 जुलाई तक आयोजित हो रही श्री खंड महादेव यात्रा 2025 के लिए प्रशासन ने साफ-सफाई, पर्यावरण संरक्षण और यात्रियों की सुविधा को लेकर कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने की चेतावनी दी गई है।
---
🔷 प्रत्येक टेंट/आवास में यात्रियों का पंजीकरण अनिवार्य
प्रशासन ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि सभी टेंट और अस्थायी आवास मालिकों को अपने यहाँ ठहरने वाले प्रत्येक यात्री का पंजीकरण रजिस्टर रखना होगा। इसमें यात्री का नाम, आगमन की तिथि, फोन नंबर, पता और आधार कार्ड संख्या दर्ज करना अनिवार्य होगा।
---
🔷 20 यात्रियों पर कम से कम एक शौचालय अनिवार्य
टेंट/आवास संचालकों को प्रति 20 यात्रियों पर एक शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। यदि कोई इस नियम का पालन नहीं करता है, तो ₹1,000 प्रति दिन तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार नियम तोड़ने पर टेंट को बंद भी किया जा सकता है।
---
🔷 सिंगल यूज़ प्लास्टिक और खुले में शौच पर पूर्ण प्रतिबंध
यात्रा क्षेत्र में सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। उल्लंघन करने पर ₹1,000 का जुर्माना लगेगा। वहीं, कोई भी व्यक्ति अगर खुले में शौच या कचरा फैलाता पाया गया, तो उसे भी ₹1,000 का जुर्माना भरना होगा। ऐसे मामलों में व्यक्ति को यात्रा से प्रतिबंधित भी किया जा सकता है।
---
🔷 मूल्य सूची प्रदर्शित करना अनिवार्य
प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी टेंट/आवास में दरों की स्पष्ट सूची बाहर प्रदर्शित की जाए। यदि कोई निर्धारित दरों से अधिक राशि वसूलता है या मूल्य सूची नहीं लगाता है, तो उस पर भी भारी जुर्माना लगेगा।
---
🔷 बीमार/अस्वस्थ श्रद्धालुओं की तुरंत सूचना दें
यदि किसी टेंट में ठहरे श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ती है या कोई स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्या उत्पन्न होती है, तो सेक्टर मजिस्ट्रेट और मेडिकल टीम को तत्काल सूचना देना अनिवार्य है।
---
🔴 प्रशासन की चेतावनी:
उपमंडल अधिकारी (निरमंड) मनमोहन सिंह ने स्पष्ट कहा है कि "इन आदेशों की अवहेलना को गंभीरता से लिया जाएगा। नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
---
📝 अखण्ड भारत दर्पण (ABD)न्यूज़ की विशेष टिप्पणी:
हर साल लाखों श्रद्धालु श्रीखंड यात्रा में भाग लेते हैं, ऐसे में इन व्यवस्थाओं का कड़ाई से पालन न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा बल्कि पर्यावरण की रक्षा के लिए भी आवश्यक है। प्रशासन के ये निर्देश प्रशंसनीय हैं और यात्रियों की सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
Best Digital Marketing Services – Click Here
No comments:
Post a Comment
Thanks for contact us. We will contact you shortly.