डी० पी० रावत।
आनी,7 मई।
हिमाचल प्रदेश के ज़िला कुल्लू के बाह्य सिराज़ क्षेत्र के तहत आनी कस्बे में 136 वर्ष पहले से मनाए जा रहे ज़िला स्तरीय आनी मेला दिव्य एवम् भव्य स्थानीय देवताओं की शोभायात्रा के शुरू हुआ।
आनी विधान सभा क्षेत्र के विधायक लोकेंद्र कुमार ने मुख्यातिथि पधारकर सर्वप्रथम प्रदर्शनियों का अवलोकन किया और बाद में रिबन काट कर उनका उद्घाटन किया। मेले कमेटी ने मुख्यातिथि का फूल मालाएं पहना कर उनका स्वागत मेला प्रवेश द्वार पर लिया।
मुख्यातिथि ने दीप प्रज्ज्वलित कर मेले का विधिवत आगाज़ किया। मेला कमेटी ने समस्त अतिथियों व पत्रकारों का टोपी व मफ़लर पहनाकर अभिनंदन किया।
इस अवसर पर मुख्यातिथि ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ राजनेता नेता इस मेले के स्तर को छोटा करने में लगे हैं। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए उन्हें नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें इसके स्तर और संजोए रखने के लिए प्रयास करने चाहिए। साथ ही साथ उन्होंने कहा कि हमारी सेनाओं ने ऑपरेशन सिन्दूर चलाकर पहलगाम में धर्म पूछकर गोली मारने वालों से बदला ले लिया है।
उन्होंने क्षेत्र में बढ़ते चिट्ठे के प्रचलन पर चिंता ज़ाहिर करते हुए सभी से इसके खिलाफ लड़ने की अपील की।
ग़ौरतलब है कि 136 वर्ष पूर्व इस आनी इलाके में भयंकर अकाल पड़ा था। जिसके निवारण के लिए तत्कालीन शांगरी रियासत के राजा हीरा सिंह ने क्षेत्र के प्रमुख देवता शमश्री महादेव से गुहार लगाई थी। बताया जाता है कि उसके बाद क्षेत्र अकाल से मुक्त हुआ था। जिसकी खुशी में उक्त राजा ने यह मेला हर साल आयोजित किया था।
▶️मेले में पधारे क्षेत्र के छ: देवता,निकली भव्य एवम् दिव्य शोभा यात्रा।
इस मेले में हर साल पधारने वाले देवता शमश्री महादेव, कुंगशी महादेव, कुल क्षेत्र महादेव, देऊरी नाग, बिंग़ड़ी नाग के अलावा क़रीब 16 वर्ष बाद गाड़ा गड़ाई वेद व्यास देवताओं ने आनी बाज़ार में शोभायात्रा निकाली।
सभी देवताओं के रथ(पालकी)को पारंपरिक रूप से स्वर्ण एवम् रजत से निर्मित आभूषणों से सजाया गया। तत्पश्चात अपने मन्दिरों से अपने कारकूनों, देवलुओं,श्रद्धालुओं व हारयानों के लावलश्कर साथ लोक वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों पर लोक नृत्य करते हुए मेले में शरीक हुए।
▶️विभिन्न सरकारी विभागों और स्वयं सहायता समूहों ने लगाई प्रदर्शनियां।
सरकारी विभागों में स्वास्थ्य एवम् परिवार कल्याण विभाग,पशु पालन विभाग,वन विभाग,आयुष विभाग,सामाजिक न्याय एवम् अधिकारिता विभाग,महिला एवम् बाल विकास विभाग, कृषि विभाग व उद्यान विभाग आदि विभागों के साथ राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अन्तर्गत स्वयं सहायता समूहों ने अपनी विभिन्न योजनाओं व उत्पादों की प्रदर्शनियां लगाई हैं।
▶️मेले में काफ़ी कम संख्या में पहुंचे व्यापारी।
इस मर्तबा मेले में काफ़ी कम संख्या में व्यापारी पहुंचे हैं। इसका कारण प्लॉट के महंगे रेट बताया जा रहा है। एक अन्य कारण रोहड़ू मेले का दो दिन का विस्तार भी कुछ जानकार मान रहे हैं।
▶️आनी पुलिस ने शोभायात्रा के दौरान ट्रैफिक चुस्ती व फुर्ती के साथ सुचारू रखा।
अक्सर देखा गया है कि पिछले चार पांच सालों से देवताओं के शोभायात्रा के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा जाती थी। जिससे वाहन चालकों, सवारियों के साथ साथ देवलुओं और आम जनता को भी कई तरह की परेशानी झेलनी पड़ती थी।
मगर इस बार पुलिस ने बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था कायम की। जिससे सब ने राहत की सांस ली है।
▶️स्कूली बच्चों ने दी रंगारंग प्रस्तुतियां।
मेले के शुभारंभ कार्यक्रम में स्थानीय सरकारी विद्यालयों के साथ साथ निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सुन्दर लोक संस्कृति पर आधारित विभिन्न प्रस्तुतियां दी। जिन्होंने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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