Himachal: चेतावनी के साथ केंद्र ने हिमाचल को जारी किए 99.6 करोड़
केंद्र सरकार ने पंद्रहवें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत हिमाचल प्रदेश को पंचायती राज स्थानीय निकायों के लिए 99.6 करोड़ का अनुदान मंजूर किया है। इसे चेतावनी के साथ जारी किया गया है। इसके अनुसार अगर दस दिन के भीतर पंचायती राज संस्थाओं को बजट नहीं दिया गया तो राज्य सरकार को इसका ब्याज भी देना होगा। यह धनराशि स्वच्छता और जल आपूर्ति पहल के लिए है, जिसमें खुले में शौच मुक्त की स्थिति बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें घरेलू कचरे और मानव मल का प्रबंधन और उपचार, साथ ही पीने के पानी की आपूर्ति, वर्षा जल संचयन शामिल हैं। पंद्रहवें वित्त आयोग ने सिफारिश की है कि पंचायती राज संस्थाएं इन आवश्यक सेवाओं में से प्रत्येक के लिए अनुदान का कम से कम 50 प्रतिशत निर्धारित करें।
यह वित्तीय सहायता हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और स्वच्छ पेयजल सुविधाओं तक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार करेगी। आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह धनराशि राज्य सरकार को एक किस्त में वितरित की जाएगी। राज्य वित्त विभाग को इन निधियों को राज्य के भीतर सामान्य क्षेत्रों और बहिष्कृत क्षेत्रों को आवंटित करने का अधिकार है। आवंटन जनसंख्या के लिए 90% और क्षेत्र के लिए 10% के भार पर आधारित होगा। राज्य वित्त विभाग को केंद्र सरकार से निधि प्राप्त करने के दस कार्य दिवसों के भीतर संबंधित पंचायती राज संस्थाओं को अनुदान सहायता हस्तांतरित करनी होगी। इस अवधि से अधिक देरी होने पर राज्य सरकार को ब्याज सहित अनुदान की किस्तें जारी करनी होंगी।
आदेश में आगे कहा गया है कि बहिष्कृत क्षेत्रों के लिए आवंटित अनुदान को राज्य वित्त विभाग की ओर से संबंधित स्वायत्त जिला परिषदों,पंचायत समितियों व ग्राम सभाओं को नामित प्रशासनिक विभागों और नोडल विभागों के माध्यम से सीधे हस्तांतरित किया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से यह वित्तीय सहायता हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और जलापूर्ति के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक स्वागतयोग्य कदम है। यह अनुमान लगाया गया है कि यह फंड इन क्षेत्रों में निवासियों के लिए बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में योगदान देंगे।
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