अखंड भारत दर्पण (ABD) न्यूज पंजाब / नई दिल्ली : संविधान दिवस के उपलक्ष्य में अदालती कार्यवाही में तेजी लाने के लिए भारत के चीफ जस्टिस (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ ने फास्टर 2.0 पोर्टल लॉन्च किया है। नया पोर्टल कैदियों की रिहाई संबंधी अदालती आदेश की जानकारी जेल अथॉरिटी, ट्रायल कोर्ट, हाईकोर्ट तक तुरंत पहुंचाएगा। इससे कैदियों की रिहाई में लगने वाला समय बचेगा। मौजूदा व्यवस्था के तहत जेल से रिहा होने में काफी वक्त लगता है। यह नया पोर्टल लॉन्च होने के बाद इस मामले में तेजी आएगी और कैदियों की तुरंत रिहाई मुमकिन होगी। जानकारी के मुताबिक संविधान दिवस के अवसर पर सुप्रीम कोर्ट में एक इवेंट आयोजित हुआ। इसी इवेंट में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने फास्टर 2.0 पोर्टल को लॉन्च किया। ई टी (ET) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के चीफ जस्टिस (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि हम एक पोर्टल लॉन्च कर रहे हैं जहां किसी व्यक्ति की रिहाई के ज्यूडिशियल ऑर्डर को तुरंत अमल में लाने के लिए जेलों, ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट में ट्रांसफर किया जाता है। बता दें कि ज्यूडिशियल प्रोसेस में टेक्नोलॉजी पर काफी जोर दिया जा रहा है। मौजूदा नियम के तहत जेल से रिहा होने के ऑफिशियल कोर्ट ऑर्डर की फिजिकल कॉपी कई सरकारी महकमों से गुजरती है, इसके बाद कोर्ट का ऑर्डर जेल अथॉरिटी तक पहुंचता है। ऑर्डर की कॉपी मिलने के बाद ही जेल प्रशासन कैदी को रिहा करता है। इसका मतबल है कि कोर्ट द्वारा रिहाई का ऑर्डर जारी होने के बाद भी कैदी को जेल से रिहा होने में काफी समय लग जाता है। फास्टर 2.0 पोर्टल लाइव हो चुका है, ये संबंधित अथॉरिटीज के बीच इंस्टेंट कम्युनिकेशन को बढ़ावा देगा, जिससे देश की न्यायिक प्रणाली को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। फास्टर 2.0 के अलावा भारत के चीफ जस्टिस (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ ने ई - एस सी आर (e-SCR) पोर्टल का हिंदी वर्जन भी पेश किया। यह पोर्टल सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को हिंदी में देखने की सुविधा देता है।
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