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    Sunday, July 10, 2022

    प्रोजेक्ट प्रभावित संघर्ष समिति के अनशन के समर्थन में उतरी किसान सभा।

    महेंद्र कौशिक।
    अखण्ड भारत दर्पण।
    10 जुलाई 2022.
    हिमाचल किसान सभा लुहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट स्टेज -1में बिथल मे चल रहे प्रोजेक्ट प्रभावित संघर्ष समिति के क्रमिक अनशन  का समर्थन करती है। यह अनशन पिछले 73 दिन से चल रहा है।
                   हिमाचल किसान सभा निरमण्ड ब्लॉक के अध्यक्ष देवकी नंद,महासचिव जगदीश ने कहा 13 जुलाई को बिथल मे होने वाले प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए रविवार को ग्राम पंचायत निथर, दुराह,देहरा के गांव डमाह,निन्था, झल्ली,चेबढी,धनाह,खोगवा, लागौनि, दुराह में बैठकों का आयोजन किया गया ।इन बैठकों में किसान सभा के पूर्व महासचिव व विधायक राकेश सिंघा,किसान सभा के राज्य महासचिव डॉ ओंकार शाद,किसान सभा जिला महासचिव पूरण ठाकुर मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि इस क्रमिक अनशन में 14 पंचायतों के लोग भाग ले रहे हैं। जिसमें दत्तनगर, नीरथ, शमाथला, गढेच,देहरा, निथर,दुराह,शीलही,पलेही,देलठ,बढ़ाच,किरटी,
    भुट्टी,थानेदार पंचायत के प्रभावित लोग शामिल हो रहे हैं।
            उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार, प्रशासन व एस.जे.वी.एन.एल. प्रभावित पंचायतों के लोगों की समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है।जब यह प्रॉजेक्ट लग रहा था तो उस समय जब अलग- अलग पंचायतों में जनसुनवाई हुई तो लोगों के साथ बहुत सारे वादे किए गए थे।परंतु आज न तो सरकार, न प्रशासन और न ही एस.जे.वी.एन.एल. इन लोगों की समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर है।
           इस प्रोजेक्ट के निर्माण से इन पंचायतों में लोगों का काफी नुकसान हुआ है जिसमें प्रोजेक्ट की धूल से फसल को नुकसान हुआ है, ब्लास्टिंग से मकानों में दरारें आई हैं, धूल से बकरी व पशु मरे हैं, पानी के स्त्रोत सूख चुके हैं, नरोला गांव मे पत्थर आ रहे हैं परंतु आज तक इस नुकसान की भरपाई के लिए कदम नहीं उठाए गए हैं।निरमण्ड ब्लॉक की किसी भी प्रोजेक्ट प्रभावित पंचायत में फसलों के नुकसान का सर्वे नहीं किया गया है।जो कि प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है।
            उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट की धूल से 60 बकरियों की मौत हुई है जिसकी मेडिकल रिपोर्ट में भी साफ है कि इनकी मौत धूल से हुई है जिसका मुआवजा सात लाख बीस हजार बनता है परंतु एस.जे.वी.एन.एल. केवल तीन लाख साठ हजार ही दे रही है जो कि पूरी तरह से ठगी है।
            उन्होंने कहा कि सरकार,प्रशासन व एस.जे.वी.एन.एल. लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रही है। जिस कारण प्रोजेक्ट प्रभावित पंचायतों के लोगों को अपनी मांगों को हासिल करने के लिए अनशन पर बैठना पडा है।उन्होंने कहा कि इन्होंने जमीन के मुआवजे को देने में भी हेरा फेरी की है। शिमला जिला में अलग रेट तथा कुल्लू जिला में अलग रेट दिया है। वहीं दूसरी तरफ इन पंचायतों के नौजवानों को भी प्रोजेक्ट में रोजगार नहीं दिया जा रहा है।जो कि नौजवानों के साथ धोखा किया जा रहा है।
         उन्होंने कहा कि यदि सरकार, प्रशासन व एस.जे.वी.एन.एल. प्रभावित पंचायतों की समस्याओं का समाधान समय पर नहीं करती तो 13 जुलाई को बिथल में प्रोजेक्ट प्रभावित लोगों को लामबंद कर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा जिसके लिए इन पंचायतों में मीटिंगें की जाएगी तथा लोगों को संगठित किया जाएगा।

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