2215 से अधिक पदों पर भर्ती को मंजूरी, 1500 शिक्षकों की होगी नियुक्ति
अखंड भारत दर्पण(ABD)न्यूज़
डी० पी० रावत
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शुक्रवार को राज्य सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडल बैठक में शिक्षा, रोजगार, महिला कल्याण और पर्यटन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने विभिन्न विभागों में 2215 से अधिक पदों को भरने, महिलाओं को आर्थिक सहायता देने और पर्यटन सीजन में दुकानों को 24 घंटे खुले रखने जैसे अहम प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की।
कैबिनेट के निर्णयों के अनुसार प्रदेश के सरकारी सीबीएसई संबद्ध स्कूलों में 1500 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। इसके अलावा 500 जेओए (आईटी), 105 सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर, 94 आईटीआई क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर, 12 पुलिस क्लर्क तथा 4 एपीआरओ पद भी भरे जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
महिलाओं के लिए बड़ी राहत देते हुए मंत्रिमंडल ने इंदिरा गांधी प्यारी बहना महिला सम्मान निधि योजना के तहत उन महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने को मंजूरी दी है, जिनके परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम है। यह कांग्रेस सरकार की प्रमुख चुनावी गारंटियों में शामिल रही है।
पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को गति देने के उद्देश्य से प्रदेश में पर्यटन सीजन के दौरान दुकानों को 24 घंटे खुले रखने की अनुमति दी गई है। इससे होटल, रेस्तरां, मेडिकल स्टोर और अन्य सेवा क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लेते हुए कैबिनेट ने Himachal Pradesh Board of School Education से संबद्ध 300 स्कूलों में सीबीएसई जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है। स्मार्ट क्लास, बेहतर बुनियादी ढांचा और गुणवत्ता आधारित शिक्षण व्यवस्था विकसित की जाएगी। वहीं कॉलेज प्रोफेसरों की सेवानिवृत्ति आयु 62 से बढ़ाकर 63 वर्ष कर दी गई है।
मिड-डे मील वर्कर, एसएमसी शिक्षक, मल्टी टास्क वर्कर और पंचायत चौकीदारों के मानदेय में भी वृद्धि को मंजूरी दी गई है। सिलाई अध्यापिकाओं के मानदेय में 1000 रुपये तथा अन्य श्रेणियों में 500 रुपये तक बढ़ोतरी की गई है।
इसके अतिरिक्त मत्स्य पालन क्षेत्र को राहत देते हुए फिशिंग रॉयल्टी 7 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत कर दी गई है। वहीं Pragpur में नए एसडीएम कार्यालय और बद्दी क्षेत्र में हिम-चंडीगढ़ परियोजना के लिए लगभग 8000 बीघा भूमि उपलब्ध करवाने को भी मंजूरी मिली है।
उधर, भाजपा ने इन फैसलों पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से शिकायत दर्ज कराई है। भाजपा के राज्यसभा सांसद Harsh Mahajan ने आरोप लगाया है कि पंचायत चुनावों के दौरान लागू आचार संहिता के बीच लिए गए कुछ फैसले चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से इन निर्णयों की समीक्षा करने की मांग की है।
कैबिनेट के इन फैसलों को शिक्षा, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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