डी. पी. रावत
अखण्ड भारत दर्पण (ABD )न्यूज़
20 मई, निरमण्ड
*निरमंड:*नगर पंचायत निरमंड के चुनाव में वार्ड नंबर-7 पोखटू ने वो कर दिखाया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस सीट पर चार योद्धा मैदान में थे। तीन तो पोखटू की मिट्टी के लाल, और चौथा निकला 'बाहरी' जो वार्ड-6 विष्णु मोहल्ला से चलकर यहां किस्मत आजमाने आ गया। नाम है जमवाल सिंह।
न वोटर लिस्ट में नाम, न घर इस वार्ड में, फिर भी जनता ने दे दी चाबी
कमाल देखिए कि जमवाल सिंह का खुद का और परिवार का नाम तक पोखटू की वोटर लिस्ट में नहीं था। यानी न वोट डाल सकते थे, न परिवार डलवा सकता था। फिर भी जनता ने ऐसा दिल खोलकर साथ दिया कि 85 वोटों की झड़ी लगाकर सीधे पार्षद की कुर्सी पर बैठा दिया। निकटतम प्रतिद्वंदी और यहीं के स्थाई निवासी नरेश कुमार को 28 वोट से पटखनी दे दी।
224 वोट पड़े, एक गया नोटा, तीन लोकल दावेदार रह गए देखते
पोखटू वार्ड में कुल 379 वोटर हैं, जिनमें 224 पुरुष और 197 महिलाएं हैं। इस बार 224 लोगों ने वोट डाला और एक वोट नोटा को भी गया। चौकोने मुकाबले में लोकल दावेदारों में: नरेश कुमार 57, तेज सिंह 53 और शशि कांत 28 वोट पर ही अटक गए, वहीं 'बाहरी' जमवाल सिंह 85 वोट ले उड़ा।
जीत का सीक्रेट: देव समाज से जुड़ाव और व्यवहार में मिठास
नतीजा आया तो पोखटू से लेकर पूरे निरमंड तक सन्नाटा छा गया। सबके मुंह पर एक ही सवाल: ये कैसे हुआ? नगरवासियों का जवाब है कि जमवाल सिंह का देव समाज से गहरा जुड़ाव और लोगों से मिलनसार व्यवहार ही उनकी जीत की चाबी बना। वार्ड उनका नहीं था, पर दिल उन्होंने सबका जीत लिया।
निरमंड की सियासत में यह नतीजा कह गया कि चुनाव कागज पर लिखे पते से नहीं, जनता के दिल में बने भरोसे से जीते जाते हैं। अब वार्ड-7 की जनता को अपने 'बाहरी' पार्षद से बड़े कामों की उम्मीद है।


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