⚡ हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड आउटसोर्स कर्मचारी संघ की चेतावनी — 58 वर्ष सेवा शर्त, समान वेतन और स्थायीकरण की मांग तेज
28 फ़रवरी, ऑनलाइन डैस्क
डी०पी० रावत
अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज़
हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड के आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर अब आंदोलन का रुख तेज कर दिया है। हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड आउटसोर्स कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष रविंद्र ठाकुर और संयोजक मदन लाल के नेतृत्व में कर्मचारियों ने उपायुक्त कुल्लू के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा कि वर्षों से सेवाएं देने के बावजूद उन्हें न तो स्थायीकरण का लाभ मिल रहा है और न ही समान कार्य के बदले समान वेतन। कर्मचारियों ने 58 वर्ष की सेवा शर्त, नियमितीकरण, वेतन विसंगतियों और सामाजिक सुरक्षा जैसी मांगों को प्रमुखता से उठाया।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी बिजली बोर्ड की रीढ़ हैं, लेकिन उन्हें आज भी अस्थिर भविष्य और कम वेतन में काम करने को मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो संघ प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन की रणनीति अपनाएगा।
जिला अध्यक्ष रविंद्र ठाकुर ने कहा कि कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। संयोजक मदन लाल ने दो टूक कहा कि मांगें पूरी न होने की स्थिति में धरना-प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
अब देखना यह होगा कि सरकार इस ज्ञापन पर कितना गंभीर रुख अपनाती है, क्योंकि बिजली व्यवस्था की सुचारू कार्यप्रणाली में आउटसोर्स कर्मचारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

No comments:
Post a Comment