देवता सत्य नारायण लगभग 8 वर्षों बाद अपने देवालय से सरेऊलसौर में शाही स्नान के लिए जा रहे हैं। यह ऐतिहासिक और आध्यात्मिक यात्रा 25 जून, बुधवार को शुरू होगी और 27 जून, शुक्रवार को समाप्त होगी।
सरेऊलसौर का यह दौरा देवता का 2017 के बाद लगभग 8 साल बाद होने जा रहा है । देवता के कारदार इंद्र सिंह पुजारी पथर सिंह कठेला मस्त राम कायथ पदमी राम बढारी देवी राम दरोगे कुमार दत्त ठाकुर ध्यान सिंह हबा सिंह गुरदयाल प्रेम और गांव वासी सुरेंद्र कुमार, गगन साहसी ,डोला राम कटोच, राज कुमार ठाकुर ,हेमराज ठाकुर ,हेम दत्त ,संजय कुमार, दलीप कटोच ,ध्यान कटोच, सूरज ,प्रकाश, शेर सिंह, बिमल कुमार ,पना लाल ने जानकारी देते हुए कहा कि यह दौरा देवता का बहुत ही इतिहासिक औऱ महत्वपूर्ण होने बाला है ।
ढोल-नगाड़ों और नरसिंघों की मधुर धुनों के बीच देवता बुधवार दोपहर 3 बजे करशाला देवालय से अपने लाव-लश्कर के साथ रवाना होंगे। इस यात्रा में करशाला01, करशाला02, सुहल, दरकु, कुआ, कुठेड़, कनशेल, डुघा, पनेअ, दारन, मरहार, ढहमाच, करशालाबाग और चेडॉधार के समस्त हारयाने उनके साथ इस यात्रा में शामिल होंगे।
पहला पड़ाव
देवता के पहले दिन की यात्रा का रात्रि ठहराव करशालाबाग में होगा।
26 जून को पहुचेंगे सरेऊलसौर
26 जून, वीरवार को सुबह 10 बजे यात्रा पुनः प्रारंभ होगी। रघुपुर गढ़ और जलोड़ी जोत दर्रा पार करते हुए देवता शाम 4 बजे सरेऊलसौर पहुंचेंगे, जहां वे शाही स्नान कर पूजा पाठ करेंगे।
माता बूढ़ी नागिन से होगी भेंट
शाही स्नान करने के उपरांत देवता सत्य नारायण माता बूढ़ी नागिन से भी मिलेंगे और देव शक्तियों अर्जित करेंगे।
27 जून को वापसी यात्रा
पूरे कार्यक्रम के पश्चात देवता अगले दिन यानी 27 जून, शुक्रवार को पुनः अपने देवालय के लिए वापिस लौटेंगे।
Best Digital Marketing Services – Click Here

No comments:
Post a Comment
Thanks for contact us. We will contact you shortly.