हिमाचल प्रदेश के सबसे दो बड़े मेडिकल कॉलेजों टांडा और शिमला के 294 डॉक्टर्स छुट्टी पर जाएंगे। दो बैच में इन दोनों अस्पतालों के डॉक्टर्स छुट्टी पर जाएंगे और ऐसे में प्रदेश मरीजों को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। गौरतलब है कि हर साल रूटीन में डॉक्टर विंटर वीकेशन पर जाते हैं।
दरअसल, शिमला में इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में हर साल की तरह, इस साल भी 50 फीसदी डॉक्टर छुट्टी पर जा रहे हैं। इसके अलावा, शिमला के ही चमियाना में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के 36 डॉक्टर्स भी छुट्टी पर रहेंगे। पहला बैच जहां 26 दिसंबर से छुट्टी जा रहा है, तो दूसरा बैच 31 जनवरी से छुट्टी पर निकलेगा। पहले बैच में 24 विभागों के 151 डॉक्टर 38 दिन तक छुट्टी पर रहेंगे और अस्पताल में शेष 50 फीसदी डॉक्टर ही ड्यूटी देंगे । इसी तरह, फैकल्टी मेंबर को 31 दिन की छुट्टी दी गई है। गौरतलब है कि आईजीएमसी में हर साल डॉक्टर विंटर वेकेशन पर जाते हैं और यहां पर मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में रोजाना 3200 से 3500 मरीजों की ओपीडी रहती है।
आईजीएमसी शिमला में डॉक्टरों की छुट्टी के कारण सबसे ज्यादा परेशानी विशेषज्ञ डॉक्टरों की छुट्टी की वजह से उठानी पड़ेगी। क्योंकि कई गंभीर रोगियों को विशेषज्ञ डॉक्टर ही देखते हैं। अस्पताल के वरिष्ठ मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. राहुल राव ने बताया कि डॉक्टर 2 बैच में छुट्टी पर जाएंगे। उधर, चमयाना हॉस्पिटल के वरिष्ठ डॉक्टर सुधीर शर्मा ने बताया कि डॉक्टर 2 बैच में छुट्टी पर जाएंगे। पहला बैच 26 दिसंबर से छुट्टी जा रहा है, जबकि दूसरा बैच 31 जनवरी से छुट्टी करेगा। पहले बैच में 15 विभागों के 36 डॉक्टर 31 दिन तक छुट्टी पर रहेंगे। अस्पताल में शेष 50 फीसदी डॉक्टर ही ड्यूटी देंगे।
गौरतलब है कि अस्पताल के फैकल्टी मेंबर को 31 दिन, जबकि रेजिडेंट डॉक्टरों को 30 दिन की छुट्टी मिलती है. इनके वापस ड्यूटी पर लौटने के बाद शेष 50 प्रतिशत डॉक्टर अवकाश पर जाएंगे। प्रशासन ने इसकी छुट्टियों का शेड्यूल जारी कर दिया है। शिमला के IGMC अस्पताल के लिए न केवल जिला, बल्कि सभी 12 जिलों के अस्पतालों से मरीजों को रेफर किया जाता है। ऐसे में एक साथ 151 डॉक्टरों के अवकाश पर जाने से मरीजों को ओपीडी में उपचार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
कांगड़ा के टांडा मेडिकल कॉलेज में भी डॉक्टर छुट्टी पर रहेंगे। यहां पर 107 डॉक्टर और टीचर अवकाश पर जा रहे हैं, जो कि एक फरवरी तक लीव पर रहेंगे। इनमें हार्ट, किडनी, गेस्ट्रो, गायनी, ईएनटी सहित अन्य विभागों के डॉक्टर शामिल है। टांडा मेडिकल में चंबा, हमीरपुर और कांगड़ा से बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं।
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