हिमाचल दुग्ध उत्पादक संघ के आह्वान पर दूध उत्पादकों की मांगों को लेकर सोमवार को दत्तनगर में प्रदर्शन किया गया तथा 8 सूत्रीय मांग पत्र प्रदेश सरकार को दिया गया।
इस प्रदर्शन को हिमाचल किसान सभा के महासचिव डॉ. ओंकार शाद, दुग्ध उत्पादक संघ के संयोजक देवकी नंद, सहसंयोजक दिनेश मेहता,किसान सभा जिला महासचिव पूरण ठाकुर व प्रेम चौहान ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय मे सरकार की गलत नीतियों के कारण दूध पैदा करने वाले किसान बहुत दुखी हैं उनका शोषण हो रहा है।उन्होंने कहा कि जो भी सरकारें प्रदेश में आज से पहले और जो वर्तमान में सरकार हमारे प्रदेश में है इन सरकारों ने आजतक कोई स्थायी नीति दूध वालों के लिए नही बनाई है जिस कारण दूध उत्पादन भी घाटे का सौदा बन रहा है।
उन्होंने कहा कि आज भी सरकार द्वारा मिल्क फेडरेशन व निजी कंपनियों द्वारा किसानों को 22 रुपये से लेकर 30 रुपये तक दूध का दाम प्रति लीटर लिया जाता है,फीड,दवाई व चोकर के दाम लगातार बढ़ रहे हैं जिससे कि दूध को पैदा करने की लागत दिन प्रतिदिन बढ़ रही है और दुग्ध उत्पादकों को अपना परिवार चलाना भी मुश्किल हो गया है।वहीं दूसरी तरफ दुग्ध उत्पादकों को दूध की पेमेंट भी समय पर नहीं मिल रही है। पेमेंट का कोई निश्चित समय न होने के कारण पेमेंट का भुगतान 20 तारीख के बाद ही होता है जिससे कि इन पर दोहरी मार पड रही है।
वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव से पहले कांग्रेस ने जनता से वायदा किया था कि हमारी सरकार सत्ता में आने के बाद 80 व 100 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से दूध खरीदेगी।जो केवल चुनावी घोषणा बन कर रह गई है इस सरकार ने तो बजट में एक पैसे की भी बढ़ोतरी नहीं की है,जबकि हर साल बजट में दो तीन रुपये की बढ़ोतरी होती थी।जिससे साफ जाहिर होता है कि यह सरकार पूरी तरह से किसान विरोधी है।
उन्होंने कहा कि जो पशु औषधालय ग्रामीण क्षेत्र में खोले गए हैं वहां पर डॉक्टर के पद खाली पड़े हुए हैं और कई पशु औषधालय में तो ताले लटके हुए हैं। जिससे गाय को समय पर टीका न लगने के कारण लोगों की गाय भी खराब हो रही है।
हिमाचल दुग्ध उत्पादक संघ ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि दूध का दाम कम से कम 40 रुपए प्रति लीटर किया जाए,दूध की पेमेंट हर माह 10 तारीख से पहले दी जाए,सभी सोसाईटियों में दूध की गुणवत्ता को मापने के लिए टैस्टिंग मशीन लगाई जाए ताकि दूध की गुणवत्ता को सुधारा जा सके। पशु औषधलय मे सभी खाली पद भरे जाएं ,पशु आहार पर सब्सिडी दी जाए,दूध को इकट्ठा करने के लिए नए चिल्लिंग प्लांट खोले जाएं ,दत्तनगर मे मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट खोला जाए ताकि यहां के बेरोजगार नौजवानों को रोजगार मिल सके।
उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश सरकार इस आठ सूत्रीय मांग पत्र पर समय पर बातचीत नहीं करती व दूध उत्पादकों के लिए कोई नीति नहीं बनाती तो 14 अगस्त को निरमण्ड, रामपुर,आनी,ननखड़ी,नारकण्डा,करसोग व भावानगर में प्रदर्शन किए जाएंगे।
इस प्रदर्शन में काकू कश्यप, कृष्णा राणा, कश्मीरी लाल,परस राम,किशोरी लाल, हरविंदर, दुर्गा नंद,कपूर,सुरमा देवी,मान दासी, हरदयाल, अनिता,,शीला,उषा,लीला देवी,आशा देवी,ललिता देवी,देव राज,किमता देवी,कौशल्या देवी,सुमित्रा, मीरा देवी आदि शामिल थे।
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