29 जून।
हिमाचल प्रदेश सिविल जज परीक्षा में अस्वीकृत उम्मीदवारों को न्यायालय ने राहत नहीं दी है। हाईकोर्ट ने अधिकांश उम्मीदवारों की याचिकाएं खारिज कर दी हैं। परीक्षा की मांग की गई थी।
हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश सिविल जज परीक्षा में अयोग्य उम्मीदवारों को कोई राहत नहीं दी है। ज्यादातर उम्मीदवारों की याचिकाएं न्यायालय ने खारिज कर दी हैं। 9 जुलाई को सिविल जज में हुई छंटनी परीक्षा के लिए लोक सेवा आयोग ने 1700 आवेदन रद्द कर दिए। आयोग ने कहा कि अस्वीकृत उम्मीदवारों ने नियमों के अनुसार आवश्यक दस्तावेज नहीं अपलोड किए थे। नेहा शर्मा और अन्य की याचिकाओं को मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने खारिज कर दिया।
अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को जो प्रमाण पत्र अपलोड करने थे सरकारी निकाय उन्हें प्रदान नहीं करना चाहता था। उम्मीदवारों को दो राजपत्रित अधिकारियों से चरित्र प्रमाण पत्र अपलोड करना था। जो आसानी से मिल सकते थे सरकारी अधिकारियों से जारी किए जाने वाले प्रमाणपत्रों, जैसे जाति, उपजाति, अनुसूचित जाति, चरित्र, स्थायी निवासी, आदि को आवेदन करने की अंतिम तिथि से पहले कई बार नहीं मिल सकता है।
अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे प्रमाण पत्रों को आवेदन की अंतिम तिथि के बाद भी जमा करवाया जा सकता है। लोक सेवा आयोग ने अदालत को बताया कि 22 अप्रैल 2023 को सिविल जज परीक्षा के लिए आवेदन करने की सूचना दी गई थी। नियमों के अनुसार दस्तावेज अपलोड करने के लिए उम्मीदवारों को बताया गया था।
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