क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू की रोगी कल्याण समिति की गवर्निंग बॉडी की वार्षिक बैठक सोमवार को उपायुक्त एवं रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष आशुतोष गर्ग की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में वित्त वर्ष 2022-23 के संशोधित बजट अनुमान के साथ वित्त वर्ष 2023-24 के लिए अनुमानित बजट पारित किया गया।उपायुक्त ने बताया कि वित्त वर्ष 2022- 23 के लिए कुल एक करोड़ 95 लाख रुपये के संशोधित बजट को मंजूरी प्रदान की गई तथा वर्ष 2023-24 के लिए 2 करोड़ 61 लाख अनुमानित बजट पारित किया गया है जो गत वर्ष के बजट से 66 लाख रुपये अधिक है। यह राशि रोगी कल्याण समिति के अंतर्गत विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर खर्च की जाएगी। उपायुक्त ने आरकेएस की बैठक की अध्यक्षता करते बताया कि अगले वित्त वर्ष में बीपीएल रोगियों के निशुल्क उपचार के लिए एक लाख तथा, गरीब एपीएल परिवारों , कैंसर, टीबी के मरीजों के निशुल्क उपचार के लिए 3 लाख रुपये की राशि का बजट पारित किया गया है।निर्धन रोगियों के डायलिसिस उपचार के लिए 3 लाख रुपये का बजट पारित किया गया है इसके अतिरिक्त दुर्घटना एवं आपातकालीन सेवाओं के लिए 3 लाख, पशुओं के काटने पर निशुल्क उपचार के लिए 1 लाख का बजट पारित किया गया है।
उपायुक्त ने कहा कि आपातकालीन दुर्घटना, कैंसर व डायलिसिस की स्थिति में निशुल्क सीटी स्कैन सुविधा के लिए 10 लाख रुपए का बजटीय प्रावधान किया गया है।
उपायुक्त ने जानकारी दी कि जनऔषधि दुकान के माध्यम से रोगियों को सस्ती दवाएं उलब्ध कराने के लिए 2 लाख रुपये का प्रावधान कर काउन्टर का निर्माण किया जाएगा ताकि लोगों को सस्ती दवाओं की सुविधा का लाभ लेने में सुगमता हो।निर्धन रोगियों को मुफ्त में एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराने के लिए 1 लाख का बजट रखा गया है। इसके साथ-साथ ही क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के परिसर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए तथा नशा निवारण योजना के लिए औषधियां खरीदने के लिए भी बजट पारित किया गया है।
बैठक की कार्यवाही का संचालन चिकित्सा अधीक्षक डॉ नरेश चन्द ने किया।
बैठक में अस्पताल में रोगियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के दृष्टिगत विभिन्न मुरम्मत कार्यों के लिए16 लाख रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है इसी प्रकार अगले वित्त वर्ष के लिए मशीनरी व अन्य उपकरणों की खरीद के लिए 5 लाख रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है।
बैठक में आरकेएस के तहत तैनात कर्मचारियों के वेतन में 1 हज़ार रुपये मासिक वृद्धि को भी मंजूरी दी गई साथ ही उपायुक्त ने इन्हें ईपीएफ के तहत लाने की संभावनाएं तलाशने के भी निर्देश दिए।
बैठक में आगामी वित्त वर्ष में रोगियों को बेहतर व समय पर एम्बुलेंस सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगामी वित्त वर्ष के लिए ईंधन व मुरम्मत के लिए 33 लाख 81हज़ार रुपये का प्रावधान किया गया है।
डायग्नोस्टिक सेवाओं पर वर्ष 2022-23 में 32 लाख 15 हज़ार रुपये व्यय किये गए जबकि आगामी वित्त वर्ष के लिए 40लाख रुपए का प्रावधान किया गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नागराज पंवार, अधिशासी अभियंता विनय हाज़री, रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव वी के मोदगिल,कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद सहित समिति के विभिन्न सदस्य उपस्थित रहे।
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