उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बागवानी विकास परियोजना (एचडीपी) और एचपी शिवा परियोजना के माध्यम से हिमाचल के सभी जिलों में स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों एवं अनुकूल जलवायु के अनुसार बड़े पैमाने पर फलदार पौधों का रोपण सुनिश्चित करवाएगी, जिससे प्रदेश के किसानों की आय में अच्छी वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि कैहडरू में एचपी शिवा परियोजना के तहत किए गए मौसंबी और अनार के पौधारोपण के काफी उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। यहां 55 किसानों की लगभग 8 हैक्टेयर भूमि पर मौसंबी तथा अनार के पौधे लगाए गए हैं और मात्र 3 वर्षों में ही इनमें काफी अच्छी मात्रा में फल लगने शुरू हो गए हैं। इसी प्रकार सुजानपुर के निकट गांव भलेऊ के क्लस्टर में अमरूद के पौधे लगाए गए हैं और इन पौधों से भी काफी अच्छी पैदावार हो रही है। जगत सिंह नेगी ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत विकसित किए गए कैहडरू और भलेऊ के क्लस्टरों में अच्छे परिणामों को देखते हुए आने वाले समय में हमीरपुर जिले जैसे कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एचपी शिवा परियोजना के माध्यम से फल उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। इस अवसर पर जगत सिंह नेगी ने बागवानों से सीधा संवाद भी किया और एचपी शिवा परियोजना के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने बागवानी विभाग के अधिकारियों से भी परियोजना की प्रगति की जानकारी ली तथा उन्हें दिशा-निर्देश जारी किए।
बागवानी विभाग के उपनिदेशक राजेश्वर परमार ने बागवानी मंत्री को जिला हमीरपुर में विकसित किए गए क्लस्टरों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। इस मौके पर एसडीएम मनीष कुमार सोनी, बागवानी विभाग और एचपी शिवा परियोजना से संबंधित वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
कैहडरू के बाद जगत सिंह नेगी ने शाम को नादौन के निकट गांव बाग-भरमोटी के क्लस्टर का भी निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए।
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