दूध के दाम बढ़ने के बावजूद भुगतान में देरी और सुविधाओं की कमी से नाराज़ उत्पादक—गांव-गांव बैठकों से आंदोलन तेज
अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज़
14 अप्रैल 2026
हिमाचल प्रदेश में दूध उत्पादकों की समस्याओं को लेकर एक बड़ा आंदोलन आकार लेता नजर आ रहा है। हिमाचल दूध उत्पादक संघ के आह्वान पर 23 अप्रैल 2026 को दतनगर में विशाल प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या में दूध उत्पादकों के जुटने की संभावना है। 🚜
इस प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए निरमंड, रामपुर, आनी, करसोग, छतरी, नारकंडा और ननखड़ी ब्लॉकों के गांव-गांव में बैठकों का दौर लगातार जारी है। इन बैठकों के माध्यम से दूध उत्पादकों को एकजुट कर उनकी समस्याओं को जोर-शोर से उठाने की रणनीति बनाई जा रही है।
📢 नेताओं ने उठाई समस्याएं:
हिमाचल किसान सभा के राज्य सचिव देवकी नंद, दूध उत्पादक संघ के संयोजक प्रेम चौहान और सह संयोजक रणजीत ने संयुक्त बयान में कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में बजट में दूध के दाम बढ़ाने का निर्णय सराहनीय है और इसके लिए संघ सरकार का धन्यवाद करता है।
हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि दाम बढ़ने के बावजूद जमीनी स्तर पर दूध उत्पादकों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। 😟
⚠️ मुख्य समस्याएं क्या हैं?
दूध उत्पादकों के अनुसार, उनकी प्रमुख समस्याएं निम्नलिखित हैं:
🧪 गुणवत्ता मापने की मशीनों का अभाव:
अधिकांश सोसायटियों में दूध की गुणवत्ता जांचने के लिए उचित मशीनें उपलब्ध नहीं हैं, जिससे सही मूल्यांकन नहीं हो पाता।
💸 भुगतान में देरी:
दूध की पेमेंट समय पर नहीं मिल रही है। कई मामलों में दो-दो महीने की देरी हो रही है, जिससे किसानों को आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है।
🏥 पशु औषधालयों में डॉक्टरों की कमी:
पशु अस्पतालों में डॉक्टरों के खाली पद होने से पशुपालकों को अपने पशुओं के इलाज में दिक्कतें आ रही हैं।
🗣️ सरकार और मिल्क फेड पर सवाल:
संघ के नेताओं ने बताया कि इन समस्याओं को दतनगर में मिल्क फेडरेशन के समक्ष भी उठाया गया है, लेकिन अब तक न तो सरकार और न ही मिल्क फेड द्वारा कोई ठोस कदम उठाया गया है।
इस कारण दूध उत्पादकों में भारी नाराजगी है और वे अब आंदोलन के जरिए अपनी आवाज बुलंद करने को मजबूर हैं। 🔥
🚩 23 अप्रैल को होगा शक्ति प्रदर्शन:
नेताओं ने कहा कि 23 अप्रैल को दतनगर में होने वाले इस प्रदर्शन में विभिन्न ब्लॉकों से हजारों दूध उत्पादक भाग लेंगे, जो अपनी मांगों को लेकर एकजुट होकर सरकार के सामने अपनी बात रखेंगे।
यह प्रदर्शन न केवल दूध उत्पादकों की समस्याओं को उजागर करेगा, बल्कि आने वाले समय में एक बड़े आंदोलन का रूप भी ले सकता है।
⚖️ ABD न्यूज़ निष्कर्ष:
हिमाचल में दूध उत्पादन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है, लेकिन अगर उत्पादकों को समय पर भुगतान और बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलेंगी, तो इसका सीधा असर उनके जीवन और आजीविका पर पड़ेगा।
दतनगर में होने वाला यह प्रदर्शन सरकार और संबंधित विभागों के लिए एक अहम चेतावनी है कि अब दूध उत्पादकों की समस्याओं को नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा।

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