पांवटा में वन विभाग की बड़ी कामयाबी: वन्यजीवों के अंगों का जखीरा जब्त - अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज़

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    Wednesday, April 15, 2026

    पांवटा में वन विभाग की बड़ी कामयाबी: वन्यजीवों के अंगों का जखीरा जब्त

     पांवटा साहिब/घुतनपुर, 15 अप्रैल (ABD न्यूज़)

                                                                            सांकेतिक फोटो 

    वन मंडल पांवटा साहिब के अंतर्गत आने वाले घुतनपुर गांव में बुधवार तड़के वन विभाग की टीम ने एक बेहद गुप्त और सुनियोजित ऑपरेशन को अंजाम देते हुए वन्यजीवों के अंगों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया। सुबह करीब 4 बजे की गई इस छापेमारी से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और गांव में सनसनी फैल गई।

    यह कार्रवाई इतनी गोपनीय थी कि इसकी भनक आसपास के लोगों तक को नहीं लग पाई। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जिस तरह से घर की तलाशी ली और जो बरामद हुआ, उसने सभी को चौंका दिया।

    🚔 गुप्त सूचना पर हुई बड़ी कार्रवाई

    जानकारी के अनुसार यह पूरी कार्रवाई एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई थी। वन विभाग के असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट आदित्य शर्मा के नेतृत्व में टीम ने बातामंडी डाकघर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले घुतनपुर गांव में दबिश दी।

    टीम ने अख्तर अली पुत्र अली हसन के घर को घेरते हुए सघन तलाशी अभियान चलाया। जब घर की छत की तलाशी ली गई, तो वहां छिपाकर रखे गए कई संदिग्ध और आपत्तिजनक सामान बरामद हुए।

    🐆 क्या-क्या मिला छत से?

    छापेमारी के दौरान बरामद सामान ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। टीम को वहां से—

    तेंदुए की खाल (मूंछों सहित) 🐆

    तेंदुए के पंजे

    घोरल के सींग के 3 जोड़े 🦌

    काकड़ के सींग के 2 जोड़े

    3 खाली कारतूस 🔫

    मांस काटने का तेजधार हथियार

    एक लकड़ी का गटका

    बरामद हुए इन सामानों को वन्यजीव अपराध की श्रेणी में बेहद गंभीर माना जा रहा है।

    👮‍♂️ दो आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट में पेशी

    वन विभाग की टीम ने मौके पर ही सभी वन्यजीव अवशेषों को जब्त कर लिया। साथ ही घर के मालिक अख्तर अली और सद्दाम हुसैन को गिरफ्तार कर लिया गया।

    दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है और उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार इस मामले की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

    🔥 ग्रामीणों का विरोध—“यह साजिश है”

    इस कार्रवाई के बाद गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। कई स्थानीय ग्रामीणों ने इस पूरे मामले को साजिश करार दिया है।

    ग्रामीणों में परविंदर सिंह सोनी (पंचायत पतलियों), मोहन सिंह सोहता, असरफ अली, अली लियास, पूर्व प्रधान दाता राम और लियाकत अली ने आरोप लगाया कि संबंधित परिवार ट्रांसपोर्ट का काम करता है और शांतिपूर्ण जीवन जीता है।

    उनका कहना है कि संभव है कि किसी ने जानबूझकर उन्हें फंसाने के लिए यह साजिश रची हो। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।

    🗣️ अधिकारी का बयान—“सबूत हैं, जांच जारी है”

    ग्रामीणों के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए एसीएफ आदित्य शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूरी तरह गुप्त सूचना और पुख्ता आधार पर की गई है।

    उन्होंने कहा कि मौके से बरामद सामग्री स्वयं में मजबूत सबूत है और विभाग इस मामले की गहन जांच कर रहा है।

    उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़ा कोई ठोस प्रमाण है, तो वह उसे विभाग के साथ साझा करे, ताकि जांच को और मजबूत बनाया जा सके।

    ⚖️ वन्यजीव अपराध पर सख्ती के संकेत

    यह कार्रवाई एक बार फिर इस बात का संकेत देती है कि प्रदेश में वन्यजीव अपराधों को लेकर प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। तेंदुए जैसे संरक्षित जीवों के अंगों की बरामदगी न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि जैव विविधता के लिए भी गंभीर खतरा है।

    विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के मामलों में अक्सर बड़े नेटवर्क के शामिल होने की आशंका रहती है, जिसकी जांच आगे चलकर कई और परतें खोल सकती है।

    📊 क्या खुलेंगे बड़े राज?

    सूत्रों की मानें तो यह मामला केवल एक घर तक सीमित नहीं हो सकता। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और भी चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं।

    🧾 निष्कर्ष:

    घुतनपुर में हुई यह कार्रवाई जहां एक ओर वन्यजीव अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों के आरोपों ने इस मामले को और जटिल बना दिया है। अब सभी की नजरें जांच पर टिकी हैं—क्या यह सच में एक बड़ा वन्यजीव तस्करी गिरोह है या फिर किसी साजिश का हिस्सा? 🤔

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