🏛️देवताओं का नज़राना 10% बढ़ाया गया, स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता, आपदा प्रबंधन जागरूकता और स्वास्थ्य निगरानी पर विशेष ध्यान।
आनी, 8 अप्रैल (डी. पी. रावत):
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू ज़िले के उपमंडल मुख्यालय आनी में 8 से 11 मई के बीच आयोजित होने वाले ज़िला स्तरीय आनी मेले 2026 को लेकर प्रथम विभागीय बैठक पंचायत समिति सभागार में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता उपमंडलाधिकारी (नागरिक) एवं उपमंडल दंडाधिकारी लक्ष्मण कनैत ने की। बैठक में सभी विभागाध्यक्षों, गैर सरकारी सदस्य, और व्यापार मंडल के प्रमुख मौजूद रहे।
बैठक में मेला आयोजन के सफलता कारकों और सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं पारदर्शिता के उपायों पर विशेष चर्चा हुई। बैठक के मुख्य निर्णय इस प्रकार हैं:
🔹 1️⃣ देवताओं का नज़राना और व्यापार प्रबंधन 🙏💰
- इस वर्ष देवताओं का नज़राना 10% बढ़ाया गया।
- मेला क्षेत्र में प्लॉट किराए के रेट्स पिछले वर्ष जैसे ही रहेंगे।
- किसी भी व्यापारी को प्लॉट सबलेट करने की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई व्यापारी ऐसा करता पाया गया, तो उसका प्लॉट रद्द कर दिया जाएगा और जमा धन राशि ज़ब्त की जाएगी।
🔹 2️⃣ मेला स्थल और व्यापारियों के लिए निर्देश 🏟️🛒
- राजा रघुबीर सिंह स्टेडियम में व्यापारियों को 30 मई तक दुकान लगाने की अनुमति रहेगी।
- मेला मैदान को 15 मई तक खाली करना होगा, ताकि रानी बेहड़ा पंचायत चुनाव की तैयारियां हो सकें।
- सभी खरीदारी और सेवाओं का भुगतान RTGS के माध्यम से पारदर्शी रूप से किया जाएगा।
🔹 3️⃣ स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था 🏥👮♂️
- स्वास्थ्य विभाग ढाबों और खानपान दुकानों का हर दिन 2-3 बार निरीक्षण करेगा।
- पुलिस और होमगार्ड्स के जवान हर दिन एक घंटे आपदा प्रबंधन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
- मेले के दौरान आग, भीड़ और अन्य आपदा प्रबंधन के लिए विभागीय कमेटियां गठित होंगी।
🔹 4️⃣ लोक संस्कृति और प्रतियोगिताएं 🎭🎨
- मेला लोक संस्कृति को बढ़ावा देने का केंद्र रहेगा।
- मेले में आयोजित प्रतियोगिताएं:
- रस्सा कस्सी
- मटका फोड़
- रंगोली प्रतियोगिता
- म्यूजिक चेयर रेस
- स्थानीय कलाकारों को इस बार प्राथमिकता दी जाएगी।
🔹 5️⃣ वित्तीय पारदर्शिता और अनुदान 💳📊
- मेले का सारा भुगतान RTGS के माध्यम से होगा, ताकि वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
- भाषा एवं संस्कृति विभाग के तहत ₹50,000 की अनुदान राशि का प्रावधान है, हालांकि पिछले तीन वर्षों से यह अनुदान बंद है।
- मेले कमेटी की DDO (Drawing & Disbursing Officer) बीडीओ आनी और ग्राम पंचायत सचिव को धन वितरण की जिम्मेदारी दी गई है।
🔹 6️⃣ प्रशासन और मेले का आयोजन 🏛️🎪
- इस बार मेला स्थानीय प्रशासन द्वारा आयोजित किया जाएगा, क्योंकि पंचायत का कार्यकाल समाप्त हो चुका है।
- सभी कार्यक्रमों और गतिविधियों के लिए विभागीय और गैर-सरकारी सदस्यों की निगरानी रहेगी।
- व्यापारियों और कला प्रतिभागियों की सर्व सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
🔹 7️⃣ मेले का विशेष आकर्षण और अनुभव 🌟🍲
- मेला आए दिन परिवार और बच्चों के लिए मनोरंजन का प्रमुख स्थल होगा।
- खानपान, हस्तशिल्प और लोक कला की विशेष प्रदर्शनी लगेगी।
- प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दर्शकों को लोक संस्कृति का अनुभव देंगी।
🔹 8️⃣ भविष्य की योजनाएं और सुझाव 📋💡
- बैठक में यह निर्णय लिया गया कि भविष्य में मेले में आवश्यक सुधार और नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
- स्थानीय कलाकारों और व्यापारियों की समीक्षा एवं फीडबैक प्रणाली स्थापित की जाएगी।
- आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य व्यवस्था में प्रशासन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
🔹 निष्कर्ष 🎯
ज़िला स्तरीय आनी मेला 2026 एक ऐसा मंच होगा जहाँ लोक संस्कृति, पारदर्शिता, सुरक्षा और स्वास्थ्य का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। यह मेला न केवल व्यापारियों और कलाकारों के लिए अवसर प्रदान करेगा, बल्कि आम जनता के लिए भी एक सुरक्षित और आनंददायक अनुभव सुनिश्चित करेगा।
एसडीएम आनी, लक्ष्मण कनैत ने कहा,
"हम चाहते हैं कि इस मेला के माध्यम से आनी क्षेत्र की लोक संस्कृति को अधिक से अधिक बढ़ावा मिले और हर आगंतुक का अनुभव यादगार हो।" 🎉🏞️







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