Saturday, September 14, 2024
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई याचिका, स्कूलों में पढ़ाया जाए एंटी-रेप कानून।
रेप के खिलाफ बने देश और राज्यों के कानूनों के बारे में स्कूली बच्चों को पढ़ाना चाहिए और इसे सिलेबस का हिस्सा बनाया जाए। ऐसी मांग वाली एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को दाखिल हुई है। इस पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने नोटिस जारी किए। जनहित याचिका में कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर निर्भया कानून है, पॉक्सो एक्ट के तहत सख्त प्रावधान हैं। इसके बाद भी महिलाओं के खिलाफ रेप समेत हिंसक वारदातों में कमी नहीं देखी जा रही। इसके अलावा बंगाल, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों ने सख्त कानून बनाते हुए सजा-ए-मौत तक का प्रावधान कर दिया है। इसके बाद भी घटनाओं में कमी नहीं देखी जा रही है।इसकी वजह यह है कि सख्त कानून अपनी जगह हैं, लेकिन वारदात करने वाले तत्त्वों को उनके बारे में जानकारी ही नहीं है। इसलिए इनके बारे में स्कूली सिलेबस में ही पढ़ाया जाए और जब लोगों को पूरी जानकारी मिल जाएगी, तो वे शायद ऐसी घटनाओं को अंजाम देने से डरें। सीनियर एडवोकेट आबाद पोंडा की ओर से दाखिल की अर्जी में कहा गया कि महज सख्त कानून बना लेना ही इसका समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों तक यह जानकारी ही नहीं पहुंच सकी है कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर क्या सजा हो सकती है। इसलिए सभी को सजग करने के लिए जरूरी है कि जानकारी को आगे बढ़ाया जाए और बच्चों को किशोरावस्था से ही इनके बारे में पता हो।
इसलिए सभी को सजग करने के लिए जरूरी है कि जानकारी को आगे बढ़ाया जाए और बच्चों को किशोरावस्था से ही इनके बारे में पता हो। आबाद पोंडा ने कहा कि अकेले सख्त कानून बनाने से ही मसले का हल नहीं होगा बल्कि उसके मुख्य कारण को ही खत्म करना होगा। यह कारण है, समाज की सोच। यदि समाज गलत तरीके से सोचता है तो फिर उसे ही बदलना होगा। यह बदलाव तभी होंगे, जब स्कूली सिलेबस द्वारा जागरूकता फैलाई जाए। ऐंटी-रेप कानूनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाए।
Tags
# National news
About अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज़।
National news
Tags
National news
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
ABD News पर पढ़ें राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, प्रदेश और स्थानीय समाचार। राजनीति, शिक्षा, खेल और ताज़ा खबरें।
No comments:
Post a Comment