2500 करोड़ के क्रिप्टो फ्रॉड मामले में मिलन गर्ग कोलकात्ता से गिरफ्तार, किंगपिन सुभाष शर्मा भी तक फरार
Shimla News: क्रिप्टो करंसी के जरिये करोड़ों की ठगी करने वाले मुख्य अभियुक्त मिलन गर्ग को हिमाचल पुलिस की एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया है। अभियुक्त को कोलकात्ता से गिरफ्तार किया गया है।
मिलन गर्ग उत्तर प्रदेश का मूल निवासी है। क्रिप्टो करंसी ठगी मामले की नेटवर्किंग से लेकर बेवसाईट और बाकी का ऑनलाईन काम मिलन गर्ग के ही जिम्मे था। हिमाचल पुलिस की टीम आरोपी मिलन गर्ग को कोलकात्ता से गिरफ्तार करके हिमाचल ला रही है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी से कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
आईजी अभिषेक दुल्लर ने गुरूवार को बताया कि पुलिस ने क्रिप्टो करंसी ठगी मामले के मास्टर माइंड मिलन गर्ग को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने कहा कि आरोपी कोलकात्ता से गिरफ्तार किया है। आईजी अभिषेक दुल्लर ने बताया कि आरोपी को वीरवार को शिमला अदालत में पेश किया जाएगा।
मामले के अनुसार क्रिप्टो करंसी में लोगों से करोड़ो रुपये ठगने के बाद आरोपी मिलन गर्ग दुबई चला गया था। लेकिन पुलिस आरोपी पर नजर रखे हुए थी। क्रिप्टो कॉइन और अलग-अलग वेब साइट के जरिए करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया गया। पुलिस के मुताबिक क्रिप्टों करंसी ठगी मामले में शातिरों ने लोगों को दोगुना रिटर्न का झांसा कराया इन्वेस्ट कराया और बड़ी संख्या में लोग ठगी शिकार हुए हैं।
शातिरों ने प्रदेश में करीब एक लाख से अधिक लोगों को ठगा है। क्रिप्टो रैकेट में शातिरों ने करीब ढ़ाई लाख आईडी बनाकर क्रिप्टो करेंसी के नाम पर प्रदेश की जनता को करोड़ों का चुना लगाया है। पुलिस की जांच में करीब 2500 करोड़ से अधिक की ट्रांजेक्शन मिली हैं। एसआईटी अब तक 25 आरोपियों को गिरफ्तार कर छुई है।
करोड़ों की इस ठगी मामले में आरोपी सुखदेव, हेमराज, अभिषेक को अभी तक जमानत नहीं मिल पाई है और अभी भी तीनों आरोपी जेल में ही हैं। हालांकि करोड़ों की ठगी का असल किंगपिन मंडी का सुभाष शर्मा देश छोडकर विदेश भाग चुका है, जिसे एसआईटी वापिस लाने की तैयारी में है। क्रिप्टो करंसी ठगी के इस रैकेट के सरगनाओं ने सबसे पहले नेताओं और बड़े अधिकारियों को ही जाल में फंसाया। उसके बाद धीरे-धीरे ठगों की चेन बढ़ती गई। करोड़ों के इस ठगी मामले में कई पुलिस कर्मी भी शामिल बताए जा रहे हैं।
खास बात यह है कि क्रिप्टो करंसी के नाम पर लोगों से करोड़ रुपये ठगने वाले शातिरों ने हिमाचल के अलावा बाहरी राज्यों में भी संपत्ती बनाई है। क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में कई अहम साक्षय एसआईटी के हाथ लगे हैं। क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में शातिरों ने लोगों को ठगने के लिए छह तरह के अलग अलग कॉइन तैयार किए थे। हलांकि शातिरों ने बेवसाईट बनाकर लोगों को फर्जी कॉईन के नाम पर करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया है। शातिरों ने कोर्वियो कॉइन, डीजीटी कॉइन, फिश टोकन हाइपनेक्सट, बिटपेड एक, बिटवेड दो और एडड फाईनेंस कॉइन के झांसे में फंसाकर लोगों को ठगा है। क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में पंजाब और हिमाचल प्रदेश पुलिस की टीमें कार्रवाई कर रही हैं।
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