प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और अन्य अस्पतालों में जलजनित रोग के मामले बढ़ रहे हैं। प्रतिदिन अस्पतालों में 18 से 20 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं
हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और अन्य अस्पतालों में जलजनित रोग के मामले बढ़ रहे हैं। प्रतिदिन अस्पतालों में 18 से 20 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। बरसात के मौसम में मटमैले पानी की सप्लाई के चलते यह रोग पनप रहा है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों को साफ-सफाई और पानी उबालकर पीने की सलाह दी है। सरकार ने वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी अलर्ट किया है।
ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के टेस्ट कराने को कहा गया है। अस्पताल प्रशासन को पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जलजनित रोगों से बचाव के लिए सरकार ने ब्लॉक और पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। लोगों को बीमारी से जागरूक करने के लिए पंफ्लेट बांटे जा रहे हैं। इसमें जलजनित रोगों से बचने के उपाय सुझाए गए हैं। दूषित पाने के सेवन करने से जलजनित रोग होने की आशंका रहती है। अगर समय पर उपचार न किया जाए तो आंत्रशोथ, पीलिया, टाइफाइड होने का भी खतरा रहता है। स्वास्थ्य सचिव एम सुधा ने कहा कि जलजनित रोग के चलते एडवाइजरी जारी की है।
ऐसे करें बचाव
स्वच्छ पानी का इस्तेमाल करें, पानी को 15 मिनट तक उबालें
दूषित पानी की आशंका होने पर क्लोरीन मिलाकर पानी पीएं
बाल्टी भर पानी में क्लोरिन की एक गोली डालें
घर में टंकियां नियमित रूप से साफ करें
ताजा खाना खाएं, सब्जी-फल साफ पानी से धोएं
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