Himachal Tourism हिमाचल प्रदेश के श्री रेणुकाजी चिड़ियाघर में अब बाघों की जोड़ी भी शामिल होने जा रही है। अब पर्यटकोंं के लिए Zoo सफारी और रोमांचक भरी होने जा रही है। इसके लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से मंजूरी ली जा रही है। पहले भी इस चिड़ियाघर में शेरों की दाहड़ सुनने को मिलती थी। बाघों के आने से पर्यटक और मजा ले सकते हैं।
श्री रेणुकाजी चिड़ियाघर में बाघों की जोड़ी को लाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। वन्य प्राणी विंग ने बाघों की जोड़ी महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश से लाने की योजना बनाई है। दोनों ही राज्यों के संबंधित अधिकारियों से भी चर्चा की है।
श्री रेणुकाजी में बाघों का बाड़ा बनाने के लिए काम तेजी से किया जा रहा है। इस काम को बरसात के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य था। इसके बनने के बाद ही दिसंबर तक बाघों को लाया जाना प्रस्तावित है
श्रीरेणुकाजी के चिड़ियाघर में पहले होते थे शेर
अब इस मसले पर केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है। इनकी सहमति के बाद वन्य प्राणी विंग की ओर से फिर से इस काम को आगे बढ़ाया जाएगा। श्रीरेणुकाजी के चिड़ियाघर में पहले शेर होते थे।
यहां पर शेरों को देखने के लिए पर्यटक देशभर से पहुंचते थे। पिछले कुछ समय से यहां पर शेर भी नहीं हैं। इसलिए श्रीरेणुकाजी चिड़ियाघर में पर्यटकों को देखने के लिए कुछ ज्यादा मिल सके, इस दिशा में काम किया जा रहा है
4500 वर्ग मीटर में बनाया जा रहा बाड़ा
श्रीरेणुकाजी में 4500 वर्ग मीटर में बाड़ा बनाया जा रहा है। प्रदेश में इस तरह का विशाल बाड़ा किसी भी चिड़ियाघर में नहीं है। श्रीरेणुकाजी में बन रहे बाड़े में बाघ को रहने के लिए हर सुविधा प्रदान की जाएगी
बाघ को इसमें घूमने-फिरने के लिए भी बहुत जगह होगी। श्रीरेणुकाजी में मध्य प्रदेश या महाराष्ट्र से बाघ को लाया जाना प्रस्तावित है। यहां काफी संख्या में बाघ है। इसलिए यहां से बाघ को लाया जाना है।
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