हिमाचल में मानसून के कमजोर पड़ने से कहीं-कहीं वर्षा हो रही है, जबकि कई इलाकों में सूखा पड़ गया है, जिससे सेब सहित अन्य फसलों को भी नुक्सान पहुंचा रहा है। हिमाचल में पिछले वर्ष 9 जुलाई को एक ही दिन में 228.5 मिलीमीटर बारिश हुई थी लेकिन इस बार जुलाई के पहले 18 दिन में भी 228 मिलीमीटर बारिश नहीं हो पाई। प्रदेश में एक भी ऐसा जिला नहीं है, जहां सामान्य से अधिक वर्षा हुई हो। पूरे मानसून सीजन में 1 जून से 18 जुलाई तक प्रदेश में औसत 238.4 मिलीमीटर बारिश होती है लेकिन इस बार 141.8 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो कि सामान्य से 41 प्रतिशत कम है। सिरमौर, लाहौल-स्पीति और चंबा जिलों में सबसे कम बारिश हुई है। बारिश न होने के कारण सेब की फसल का सही आकार नहीं बन पा रहा है। यही हालत अन्य फलदार फसलों की है। राज्य के कई क्षेत्रों में मक्की की फसल सूखे जैसी स्थिति की चपेट में है। कई क्षेत्रों में दलहनी फसलें और सब्जियां भी सूखे जैसी स्थिति से नष्ट होने की कगार पर हैं। बिलासपुर जिले में अच्छी बारिश न होने से फसलों की वृद्धि पर रोक लग गई है। कुछ क्षेत्रों को छोड़कर जिले के अधिकतर क्षेत्रों में बारिश नहीं हो रही है।
धर्मशाला, सोलन व नाहन में बरसे मेघ
यैलो अलर्ट के बीच में प्रदेश के चंद इलाकों में ही रविवार को वर्षा हुई है। धर्मशाला में सबसे अधिक 46, सोलन में 10, नाहन में 5.3, कांगड़ा 2, धौलाकुआं में 9.5 मिलीमीटर वर्षा हुई है। अधिकतम तापमान भुंतर में 37.1 डिग्री, शिमला में 25.5 डिग्री रहा है। पिछले कुछ दिनों से राजधानी शिमला को धुंध ने अपनी आगोश में ले लिया है। पिछले 24 घंटों में राज्य में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हुई, जबकि मंडी जिले में भारी बारिश हुई है। मंडी में 67.2, कोठी में 47, आरएलबीबीएमबी में 38, धर्मशाला में 36.8, धर्मशाला एडब्ल्यूएस में 35, पालमपुर में 32, नगरोटा सूरियां में 27.4, सैंज ए.डब्ल्यू.एस. में 25, मनाली में 20, वांगतू में 13, पंडोह में 12, सुंदरनगर में 11.5, जोगिंद्रनगर में 11, बैजनाथ में 11, नाहन में 10.6, नारकंडा में 9.5, सुजानपुर टिहरा में 8, चुवाड़ी में 4.2, सांगला में 4.2, गुलेर में 3.8, कांगड़ा एयरो में 3.6, चंबा एडब्ल्यूएस में 2.5, भुंतर एयरो में 1, सेओबाग में 1, डल्हौजी एडब्ल्यूएस में 1, बजौरा में 0.5, शिमला में 0.5, कुफरी में 0.2 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई है।
10 दिनों बाद जारी हुआ है ऑरैंज अलर्ट, अच्छी बारिश के हैं आसार
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार सोमवार व मंगलवार को कहीं-कहीं मेघ गर्जन व वज्रपात के साथ भारी से अति भारी बारिश होने का ऑरैंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 27 जुलाई तक यैलो अलर्ट रहेगा। 22 से 24 जुलाई तक मैदानी व मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में अनेक स्थानों, जबकि उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर वर्षा होने के आसार हैं। पिछले 10 दिनों में पहली बार ऑरैंज अलर्ट जारी किया गया है और इस दौरान कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए प्रदेशवासियों और पर्यटकों को सतर्क रहने की एडवाइजरी भी जारी की गई है। News source
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