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    Saturday, July 13, 2024

    किम जोंग उन ने 30 स्कूली छात्रों का करवाया सामूहिक नरसंहार, सरेआम खड़ा कर मारी गई गोलियां

     किम जोंग उन ने 30 स्कूली छात्रों का करवाया सामूहिक नरसंहार, सरेआम खड़ा कर मारी गई गोलियां 



    Mass Murders in North Korea: उत्तर कोरिया में सामूहिक नरसंहार हुआ है। किम जोंग के आदेश पर 30 स्कूली बच्चों को सरेआम खड़ा करके गोलियां मार दी गईं। उन्होंने दक्षिण कोरिया का एक नाटक देखने की गलती की थी।

    दक्षिण कोरियाई न्यूज एजेंसी आउटलेट चोसुन टीवी और कोरिया जोंगआंग डेली की रिपोर्टों के अनुसार, पिछले सप्ताह लगभग 30 मिडिल स्कूल स्टूडेंट्स को सार्वजनिक रूप से गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया गया।

    पहली बार नहीं दी गई है मौत की सजा

    बता दें कि उत्तर कोरिया ने अपने देश के नागरिकों पर दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के मीडिया को सुनने देखने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह प्रतिबंध केवल देशवासियों के लिए है या बाहर से आने वाले लोगों पर भी लागू होते हैं, लेकिन उत्तर कोरिया में मानवाधिकार समिति के कार्यकारी निदेशक ग्रेग स्कारलाटोइउ ने बिजनेस इनसाइडर को बताया कि यह पहली घटना नहीं है, जब उत्तर कोरियाई लोगों को उनके पड़ोसी दक्षिण कोरिया के कारण मौत की सजा मिली हो।

    2022 में जारी हुई संयुक्त राष्ट्र महासचिव की रिपोर्ट के अनुसार, कांगवोन प्रांत में एक व्यक्ति को सरेआम गोलियां मार दी गई थीं, क्योंकि उसे दक्षिण कोरिया से आई डिजिटल चीजों को बेचते हुए देखा गया था। साल 2024 की शुरुआत में एक वीडियो जारी किया गया था, जिसमें 2 नाबालिग बच्चों को के-पॉप वीडियो देखने के लिए 12 वर्ष के कठोर श्रम की सजा सुनाई गई थी।

    दक्षिण और उत्तर कोरिया कट्टर दुश्मन

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि उत्तर कोरिया में किम जोंग की सरकार ने इस बात से इनकार करती रही है कि देश में सार्वजनिक रूप से फांसी की सजा दी जाती है, लेकिन उत्तर कोरिया में आखिरी बार फांसी 1992 में दी गई थी। बता दें कि उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच आज भी कट्टर दुश्मनी है और हर समय युद्ध जैसी स्थिति बनी रहती है।

    1950 के दशक में दोनों देशों के बीच छिड़ा संघर्ष शांति संधि की बजाय युद्धविराम पर समाप्त हुआ था। हालातों को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई बाचतीत के बाद यूक्रेन में रूसी सेना की मदद के लिए उत्तर कोरिया की सेना को भेजा जा सकता है। ऐसे में कहा जा सकता है कि इस समय रूस पूरी तरह से उत्तर कोरिया का समर्थक है।

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