कुल्लू जिला में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत बीती तिमाही के दौरान 452 उचित मूल्य की दूकानों के माध्यम से उपभोक्ताओं को कुल 17.50 करोड़ रुपये मूल्य की आवश्यक वस्तुएं व खाद्यान्न सस्ते दामों पर उपलब्ध करवाए गए हैं। उपायुक्त अशुतोश गर्ग ने आज ज़िलास्स्तारीय सार्वजनिक वितरण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए इस इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि जिला में कुल 1,17,247 राशनकार्ड हैं जो 4,38,022 की आबादी को कवर करते हैं।
जिला में विकास खण्डवार इनकी 26 शाखाएं भी उपभोक्ताओं को सस्ता राशन उनके घर-द्वार के समीप वितरित कर रही हैं।
उपायुक्त ने कहा कि जिला में आधार सीडिंग का कार्य 99.78 प्रतिशत पूरा कर लिया है और जल्द ही यह आंकड़ा शत-प्रतिशत हो जाएगा। इसी प्रकार, जिला में उपभोक्ताओं के राशन कार्ड डाटाबेस में किये गए मोबाईल सीडिंग की यदि बात करें तो आनी खण्ड में 65.42 प्रतिशत, बंजार में 73.46 प्रतिशत, कुल्लू में 67.70 प्रतिशत, नग्गर में 62 प्रतिशत, निरमण्ड में 65 प्रतिशत किया गया है। इसपर तेजी के साथ काम चला है और अगले कुछ महीनों में यह सौ फीसदी कर लिया जाएगा। सभी 452 उचित मूल्य की दुकानों पर बायोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से पीओएस मशीनों द्वारा खाद्यान्नों की बिक्री करवाई जा रही है। जिला के दूरवर्ती क्षेत्रों में उचित मूल्य की दुकान जरूरत अनुसार खोली जा रही हैं ताकि उपभोक्ताओं को सुविधा प्रदान की जा सके।
उपायुक्त ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जिला में मई से अक्तूबर माह के दौरान 4,600 मीट्रिक टन आटा तथा 1981 मीट्रिक टन चावल उपभोक्ताओं में विभिन्न योजनाओं के तहत सस्ते दामों पर उपलब्ध करवाए गए हैं। विशेष अनुदान योजना के तहत 1201 मीट्रिक टन चीनी, 329 मीट्रिक टन उड़द , 417 मीट्रिक टन मलका दाल, 203 मीट्रिक टन दाल चना, 305 मीट्रिक टन मूंग दाल, 394 मीट्रिक टन आयोडीन युक्त नमक, 761299 लीटर सरसों तेल , 238047 लीटर रिफाइंड तेल उपभोक्ताओं में वितरित किया गया है।
जिला में खाद्यान्न व आवश्यक वस्तुओं की दुकानों में गुणवत्ता को सुनिश्चित बनाने के लिये खाद्य एवं आपूर्ति विभाग समय-समय पर निरीक्षण व खाद्यान्नों के नमूनों की जांच करवाता है। जिला में इस दौरान 648 दुकानों के निरीक्षण किये गए हैं जिनमें 60 में अनियमितताएं पाई गई। 43 दुकानदारों को चेतावनी जारी की गई। 1 लाख 44 हजार रुपये की प्रतिभूति राशि जब्त की गई जबकि खाद्यान्नों की मूल्यांतर राशि 50 हजार पांच रुपये वसूली गई। नमूने प्रायः गंदम आटा, चावल, चीनी, सरसों तेल व दालों के एकत्रित किये जाते हैं।
उपायुक्त ने कहा कि खाने-पीने की वस्तुओं में किसी प्रकार की मिलावट अथवा दोष न हो, इसके बारे में प्रत्येक उपभोक्ता को जानकारी होना जरूरी है। विभाग ने 105 उपभोक्ता शिविरों का आयोजन जिला के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में किया है। शिविरों में विभाग की योजनाओं की जानकारी भी लोगों को प्रदान की जा रही है।
उपभोक्ताओं को सुचारू तौर पर एलपीजी गैस उपलब्ध हो, इसके लिये जिला में 13 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं जिनमें 1.62 लाख उपभोक्ता पंजीकृत हैं। वाहनों के माध्यम से लोगों के उनकी मांग पर घर-द्वार पर गैस सिलिंडर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। बैठक में नई उचित मूल्य की दुकान खोलने तथा पुनरावंटन के मामलों को भी मंजूरी दी गई
बैठक की कार्यवाही का संचालन जिला उपभोक्ता एवं आपूर्ति नियंत्रक शिव राम ने किया, बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अश्वनी कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष पंकज परमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे
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