हिमाचल दुग्ध उत्पादक संघ की बैठक शनिवार को विश्राम गृह नीरथ में आयोजित हुई।।इस बैठक मे दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं व मांगों पर चर्चा की गई तथा 17 जुलाई को दत्तनगर मे होने वाले प्रदर्शन को लेकर ही योजना बनाई गई।
इस बैठक में हिमाचल दुग्ध उत्पादक संघ के संयोजक देवकी नंद सह संयोजक दिनेश मेहता,काकू कश्यप विशेष रुप से उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय मे सरकार की गलत नीतियों के कारण दूध पैदा करने वाले किसान बहुत दुखी हैं उनका शोषण हो रहा है।उन्हीने कहा कि जी भी सरकारें प्रदेश में आज से पहले और जो वर्तमान में सरकार हमारे प्रदेश में है इन सरकारों ने आज तक कोई स्थायी नीति दूध वालों के लिए नही बनाई है। जिस कारण दूध उत्पादन भी घाटे का सौदा बन रहा है।
उन्होंने कहा कि आज भी सरकार द्वारा मिल्क फेडरेशन व निजी कंपनियों द्वारा किसानों को 22 रुपये से लेकर 30 रुपये तक दूध का दाम प्रति लीटर लिया जाता है। लेकिन फीड,दवाई व चोकर के दाम लगातार बढ़ रहे हैं जिससे दूध को पैदा करने की लागत दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। जिससे की दुग्ध उत्पादकों को अपने परिवार का भरण पोषण करने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।वहीं दूसरी तरफ दुग्ध उत्पादकों को दूध की पेमेंट भी समय पर नहीं मिल रही है। पेमेंट का कोई निश्चित समय न होने के कारण पेमेंट का भुगतान 20 तारीख के बाद ही होता है जिससे इन पर दोहरी मार पड रही है।
वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव से पहले कांग्रेस ने जनता से वायदा किया था कि हमारी सरकार सत्ता में आने के बाद 80 व 100 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से दूध खरीदेगी।जो केवल चुनावी घोषणा बन कर रह गई है। इस सरकार ने तो बजट में एक पैसे की भी बढ़ोतरी नहीं की है। जबकि हर साल बजट मे दो तीन रुपये की बढ़ोतरी होती थी।जिससे साफ जाहिर होता है कि यह सरकार पूरी तरह से किसान विरोधी है।
उन्होंने कहा कि जो पशु औषधालय ग्रामीण क्षेत्र मे खोले गए हैं वहां पर डॉक्टर के पद खाली पड़े हुए हैं और कई पशु औषधालय में तो ताले लटके हुए हैं जिस कारण भी लोगों को समय पर गाय को टीका न लगने से गाय भी खराब हो रही है।
हिमाचल दुग्ध उत्पादक संघ प्रदेश सरकार से मांग करती है कि दूध का दाम कम से कम 40 रुपया प्रति लीटर किया जाए,दूध की पेमेंट हर माह 10 तारीख से पहले दी जाए। सभी सोसाईटियों मे दूध की गुणवत्ता को मापने के लिए टैस्टिंग मशीन लगाई जाए ताकि दूध की गुणवत्ता को सुधारा जा सके। पशु औषधलय में सभी खाली पद भरे जाएं ,पशु आहार पर सब्सिडी दी जाए। दूध को इकट्ठा करने के लिए नए चिल्लिंग प्लांट खोले जाएं ,दत्तनगर मे मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट खोला जाए ताकि यहां के बेरोजगार नौजवानों को रोजगार मिल सके।बैठक मे तय किया गया कि 17 जुलाई को इन मांगों को लेकर दत्तनगर मे मिल्क फेडरेशन के बाहर 24 घंटे के क्रमिक अनशन की तैयारियों को लेकर गांव गांव में मीटिंग, कमेटियां व सदस्यता अभियान चलाया जाएगा।
बैठक मे कृष्णा राणा,मीना देवी, हरीश, हरदयाल, कपूर,नरेश,नरेश चौहान,गंगा राम,बाला नंद,देव राज गुप्ता,कमल,प्रमोद आदि शामिल थे।
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