रविवार सायं सोलन जिला के ऐतिहासिक ठोडो मैदान में राज्य स्तरीय माँ शूलिनी मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने की। उनका कहना था कि सोलन की अधिष्ठात्री देवी माँ शूलिनी के नाम पर आयोजित मेले धार्मिक आस्था का केंद्र हैं। उनका कहना था कि राज्य की विस्तृत संस्कृति और उच्च परंपराएं इस मेले से बढ़ती हैं।राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कई स्थानों के नाम देवताओं के नाम पर हैं, इसलिए इसे देवभूमि भी कहा जाता है। देवी-देवताओं पर हमारी संस्कृति, परंपराएं और कार्य केंद्रित हैं, उन्होंने कहा। यह विश्वास हमें सकारात्मक रहने और आगे बढ़ने की शक्ति देता है। उनका कहना था कि माता शूलिनी मेला आयोजन समिति के अथक प्रयासों से मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ था, इसलिए वे इसे बधाई देते हैं। उन्हें खुशी हुई कि मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर युवा पीढ़ी को जागरूक किया गया।स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने इस अवसर पर राज्यपाल को स्मृति चिन्ह, शॉल और हिमाचली टोपी भेंट कर सम्मानित किया। उपायुक्त और माँ शूलिनी मेला समिति के अध्यक्ष मनमोहन शर्मा ने लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल को हिमाचली शॉल और टोपी देकर सम्मानित किया।
साथ ही, राज्यपाल ने सांस्कृतिक घटनाओं का आनंद लिया। राज्यपाल ने पहले माँ शूलिनी मंदिर में जाकर पूजा की।सोलन नगर निगम की महापौर पूनम ग्रोवर, पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र शर्मा, जिला प्रशासन के अधिकारी और अन्य प्रसिद्ध लोग भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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