हिमाचल प्रदेश विधिक सेवा प्राधिकरण के सौजन्य से नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए 18 से 26 जून तक चलने वाले जागरूकता एवं संवेदीकरण अभियान के अंतर्गत उपमण्डलीय विधिक सेवा कमेटी मण्डी सदर द्वारा ग्राम पंचायत टाण्डु में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान ने शिमला से वचुअली जुडकर लोगों को संबोधित किया।
इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश और अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राकेश कैंथला, सीजेएम सूर्य प्रकाश, सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण अंश चौधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर चंद मौजूद रहे।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कैंथला ने कहा कि नशा समाज के सभी वर्गों को प्रभावित कर रहा है। इसे हम आपसी समन्वय से ही दूर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं का नशा बहुत महंगा होता है। नशेड़ी को जब नशा करने के लिए पैसों की कमी होती हैं तो वह अन्य युवाओं को यह लत लगाकर इस नशे की ओर धकेलता है और फिर उन्हें नशा सप्लाई कर अपनी नशे की जरूरतों को पूरा करता है। एक बार इस नशे की लत लगने पर इसे छोड़ना बहुत मुश्किल है। हमें इस नशे के जाल से युवा पीढ़ी को बचाने के लिए समाज के सभी वर्गों को आगे आना होगा। हमें यह नहीं सोचना है कि मेरा बेटा या बेटी इस नशे से मुक्त हैं। नशा की यह आग कभी भी आपके घर को जला सकती है।
उन्होंने कहा कि पुलिस और अदालतें अपना काम कर रही हैं। लेकिन समाज की उदासीनता के कारण यह अपराधी छूट रहे हैं। उन्होंने बताया कि ड्रग्स के मामलों में पूरे भारत में हिमाचल प्रदेश का नम्बर पंजाब के बाद दूसरा है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि अगर ड्रग्स पकड़ने के मामलों में हम दूसरे स्थान पर हैं तो इसे इस्तेमाल करने में हम कहां होंगे।
नशा मुक्ति केन्द्र झीड़ी के प्रबंधक संजय खुल्लर, एएसपी सागर चंद, अधिवक्ता ललित ठाकुर और डॉ अनामिका ठाकुर ने भी लोगों को नशे के प्रभावों व उनकी रोकथाम के बारे में जागरूक किया।
इस अवसर पर पंचायत प्रधान शुभम शर्मा, पंचायत सदस्य, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, महिला और युवक मण्डल के सदस्यों सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
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