मुख्य संसदीय सचिव ऊर्जा, पर्यटन, वन व परिवहन सुंदर सिंह ठाकुर ने रविवार को कुल्लू जिला के कसोल में स्थानीय लोगों की शिकायतों को सुना तथा अधिकतर शिकायतो का मौके पर ही निपटारा किया । उन्होने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों की समस्याओं व शिकायतों को गम्भीरता से लें तथा इनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित बनाए ।
सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुख्खू के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता सुख के लिए नहीं व्यवस्था परिवर्तन के लिए आई है।
उन्होंने कहा कि मणिकरण घाटी में पर्यटन की आपार सम्भावनाएं हैं। क्षेत्र के अनछुए पर्यटन गंतव्यों को विकसित किया जाएगा ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिले व स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होने के साथ- साथ बाहरी राज्यों,व विदेशों से आने वाले पर्यटकों को जिले की समृद्ध संस्कृति, खानपान व रीतिरिवाजों से रुबरू होने का अवसर प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि कसोल में कूड़ा कचरे का वैज्ञानिक ढंग से निपटान सुनिश्चित बनाने के लिए कूड़ा कचरा निपटान संयंत्र लगाया जा रहा है जिसके लिए स्थान का चयन कर लिया गया है। उन्होंने लोगों से भी आग्रह किया कि कसोल खूबसूरत बनाने में अपना सहयोग दें तथा कूड़ा कचरा इधर-उधर खुले में न फेंके।
मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट में कुल्लू जिला में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 229 करोड रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि कुल्लू जिला में एक हेलीपोर्ट स्थापित किया जाएगा ताकि पर्यटकों सहित स्थानीय लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश को 31 मार्च 2026 तक ग्रीन एनर्जी स्टेट के रूप में विकसित करने के लिए अनेक कदम उठाए जा रहे हैं । उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रदेश मे 500 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं आरंभ करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में 2 पंचायतों को पायलट आधार पर ग्रीन पंचायत के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन पंचायतों में 500 किलो वाट से लेकर 1 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जाएगी ।उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित करने के लिए आगे आए । उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित करने के लिए 40 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाएगा। तथा इन परियोजनाओं से उत्पन्न बिजली की खरीद राज्य विद्युत बोर्ड द्वारा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार प्राइवेट बस ऑपरेटरों को ई बस की खरीद पर 50 प्रतिशत की दर से अधिकतम 50 लाख रुपये तक का उपदान दिया जाएगा। उन्होंने युवाओं से भी आग्रह किया कि वे ई टैक्सी खरीद के लिए आगे आए। जिसके लिए 50 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा।
इससे पूर्व कसोल पहुंचने पर मुख्य संसदीय सचिव का स्थानीय लोगों द्वारा भव्य स्वागत किया गया।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी व अन्य उपस्थित थे।
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