विशेष उपस्थिति मा० संजय कुमार प्रांत प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ स्वागत समिति अध्यक्ष तरसेम भारती, स्वागत समिति मंत्री पारुल शर्मा, जिला सयोंजक समीर ठाकुर,विभाग संयोजक आशीष , प्रदेश संगठन मंत्री गौरव , प्रदेश मंत्री आकाश नेगी भी उपस्थित रहे। आज के विशिष्ठ अतिथि संजय ने वकीम चंद्र के उपन्यासों द्वारा युवाओं को राष्ट्रभक्ति का संदेश देते हुए आग्रह किया कि अपने देश के साहित्य को पढ़ना और देश के इतिहास का ज्ञान रखना हम सभी के लिए आवश्यक है,संजय ने वक्तव्य में वामपंथियों पर प्रहार करते हुए कहा कि श्रृष्टि के आरंभ से ही सत्य और असत्य के विचारो को लेकर चली हुई है जो आज वर्तमान में भी दिखाई पड़ती है। युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि अन्य संगठन क्रांति की बात तो करते हैं परंतु उन्हें क्रांति का सही मायने में अर्थ नही पता है। रूढ़िवादी विचारों को खत्म करने के लिए सामाजिक मूल्यों को स्थापना के लिए क्रांति लाने की जरूरत है न की वर्तमान की सामाजिक व्यवस्था को बदलने के लिए संघर्ष रत रहना ,संघ का ध्येय वक्तित्व निर्माण करना है जिस कार्य पथ पर संगठन निरंतर बढ़ रहा है,इसीके साथ साथ विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने बताया कि ज्ञान शील एकता का भाव सभी महाविद्यालयों के छात्रों तक पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए।
*श्यामला महाकुंभ* के मुख्यातिथि राष्ट्रीय महा - मंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल ने अपने वक्तव्य में कहा कि जिस प्रकार से चाणक्य द्वारा चंद्रगुप्त जैसे राजा का निर्माण किया है हिमाचल प्रदेश ने भी देश के लिए ऐसे अनेक राष्ट्रभक्त तैयार कर के देश सेवा में अर्पित किए हैं, उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवी देवताओं की भूमि होने के साथ -साथ वीर भूमि भी है।आज देश भर की सीमाओं के ऊपर देश के अन्य भागों की अपेक्षा हिमाचल के यादातर सैनिक देश की सुरक्षा के लिए तैनात हैं । उन्होंने कहा कि देश की आजादी में जनजातीय समाज भी समय- समय पर विद्रोह और आंदोलन करता रहा है। लेकिन इतिहासकारों द्वारा जनजातीय समाज को हमेशा से अछूता रखा गया है। उन्होंने कहा कि भारत कभी गुलाम नहीं रहा क्योंकि हमारे पूर्वजों ने गुलामी न मानते हुए सतत् संघर्ष किया है, शुक्ल ने कहा कि संगठन का एक लक्ष्य भारत को पुन विश्व गुरु बनाना है।इसलिए भारत के हर व्यक्ति को विश्व गुरु बनना पड़ेगा।
इसी के साथ श्यामला युवा महाकुंभ में शिमला के वर्तमान शैक्षणिक परिदृश्य और सामाजिक परिदृश्य को मध्य नजर रखते हुए पारित किया गया। इसके उपरांत विश्वविद्यालय से चौड़ा मैदान तक शोभा यात्रा का आयोजन किया गया।जिसमे जिला की अलग- अलग इकाइयों ने भाग लिया तथा शोभा यात्रा के बाद खुला मंच का आयोजन किया गया। जिसमे अलग -अलग वक्तायों ने छात्र संघ चुनावो की बहाली, महिला शक्तिकर्ण, शिक्षण संस्थानों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव होना जैसे ज्वलंत मुद्दों पर भाषण दिए गए। श्यामला महाकुंभ सम्मेलन का चौड़ा मैदान में शोभा यात्रा और खुले मंच के माध्यम से समापन हुआ।
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