बाल विकास परियोजना हमीरपुर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में महिला एवं बाल विकास विभाग की ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना और अन्य योजनाओं के सराहनीय परिणाम सामने आ रहे हैं। इन्हीं योजनाओं के परिणामस्वरूप हमीरपुर खण्ड में शिशु लिंगानुपात और बच्चों एवं महिलाओं के पोषण में काफी सुधार देखने को मिल रहा है। सोमवार को ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना की खण्ड स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसडीएम मनीष कुमार सोनी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत हमीरपुर खण्ड में साल भर कई जागरुकता कार्यक्रम और गतिविधियां आयोजित की गईं। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली लड़कियों को पुरस्कृत किया गया और उन्हें अन्य लड़कियों के लिए रोल मॉडल के रूप में भी प्रस्तुत किया गया। एसडीएम ने कहा कि जागरुकता कार्यक्रमों के अलावा छात्राओं के लिए कॅरियर गाइडेंस और स्ट्रैस मैनेजमेंट से संबंधित शिविर भी आयोजित किए गए। उन्होंने कहा कि योजना के तहत सभी गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण भी सुनिश्चित किया जा रहा है। एसडीएम ने बताया कि इन कार्यक्रमों एवं अभियानों के परिणामस्वरूप में इस समय हमीरपुर खण्ड में शिशु लिंगानुपात बढक़र 965 तक पहुंच गया है।
आईसीडीएस योजनाओं की समीक्षा करते हुए एसडीएम ने कहा कि बाल विकास परियोजना हमीरपुर के अंतर्गत कुल 183 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से छह माह से लेकर 6 साल तक की आयु के कुल 2773 बच्चों को और 933 गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पौष्टिक आहार दिया जा रहा है। बैठक के दौरान एसडीएम ने विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल की व्यवस्था, भवन निर्माण, शौचालय निर्माण, बच्चों की एनरोलमेंट और अन्य सुविधाओं की समीक्षा भी की। इस अवसर पर बेटी है अनमोल योजना, प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना, मुख्यमंत्री शगुन योजना और अन्य योजनाओं पर भी व्यापक चर्चा की गई।
बैठक के दौरान बाल विकास परियोजना अधिकारी बलवीर सिंह बिरला ने विभिन्न योजनाओं के संबंध में विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया।
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