सीटू राज्य कमेटी हिमाचल प्रदेश ने अनुशासनहीन गतिविधियों में शामिल होने के कारण सीटू राज्य कमेटी सदस्य बिहारी सेवगी, सीटू जिलाध्यक्ष किन्नौर दिनेश नेगी व उपाध्यक्ष जीवन नेगी को सीटू की प्राथमिक सदस्यता व सभी पदों से तुरन्त प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। सीटू राज्य कमेटी हिमाचल प्रदेश ने सीटू से सम्बद्ध सभी यूनियनों से अपील की है कि वे इन तीनों निष्कासित पदाधिकारियों के आदेशों का पालन न करें क्योंकि इन तीनों को अनुशासनहीनता का दोषी पाया गया है। ये तीनों पिछले कई महीनों से लगातार सीटू को कमज़ोर करने का कार्य कर रहे थे व मजदूर विरोधी कार्यों में संलिप्त थे।
सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा व महासचिव प्रेम गौतम ने कहा है कि उक्त पदाधिकारी काफी लंबे समय से संगठन विरोधी कार्य कर रहे थे व संगठन को अपूर्णीय क्षति पहुंचा रहे थे। इनकी संगठन विरोधी कारगुज़ारी से संगठन को काफी दिक्कतों व समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। ये तीनों पदाधिकारी जानबूझकर संगठन के नियमों की अवहेलना कर रहे थे। ये सभी सीटू के संविधान को खुली चुनौती दे रहे थे। इनकी कार्यप्रणाली से मजदूरों को काफी नुकसान हो रहा था। इनकी संगठन विरोधी कार्यप्रणाली व अनुशासनहीनता के मद्देनज़र सीटू जिला कमेटी शिमला, किन्नौर व राज्य पदाधिकारियों ने सीटू के संविधान अनुसार इन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी। इसी के मद्देनज़र सीटू राज्य कमेटी हिमाचल प्रदेश ने इन तीनों को तुरंत प्रभाव से संगठन से बाहर का रास्ता दिखाया है व इन्हें निष्कासित कर दिया है। भविष्य में ये तीनों व्यक्ति सीटू संगठन के संदर्भ में कोई भी निर्णय लेने के हकदार नहीं होंगे। इन्हें तुरन्त प्रभाव से सीटू से सम्बद्ध सभी जिम्मेवारियों से मुक्त कर दिया गया है व सीटू संगठन का इनसे अब कोई वास्ता नहीं है।
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