14 अप्रैल
महेन्द्र कौशिक।
ब्यूरो रिपोर्ट निरमण्ड।
ज़िला कुल्लू के बाह्य सिराज क्षेत्र के अंतर्गत उप मण्डल मुख्यालय और पंचायत समिति सभागार निरमण्ड में समाजसेवी,सेवानिवृत वरिष्ट प्रबंधक पी.एन.बी. व उप प्रधान ग्राम पंचायत शीशवी द्वारा अंबेडकर जयंती समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें सेवानिवृत प्रधानाचार्य,इतिहासकार एवम शिक्षाविद् डॉक्टर बी.आर.सैक्सेना ने मुख्य अतिथि, समाजसेवी व राजनीतिज्ञ टीकम बन्धु ने बतौर वशिष्ठ अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर मुख्यातिथि को हिमाचली टोपी व मफलर पहनाकर सम्मानित किया गया। उन्होंने बाबा साहिब की तस्वीर के आगे दीप प्रज्ज्वलित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
मुख्यातिथि ने अपने संबोधन में कहा कि हमें वर्तमान में जीना है और हमें अपना अतीत भी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए कहा कि निरमण्ड में उन दिनों उच्च जाति के विद्यार्थी को अपने साथ ले जाना जाना पड़ता था; तब वह उन्हें ऊपर से पानी देता था। उन्होंने कहा कि जातीय भेदवाद,छुआछूत का दंश भी झेला है और सहन भी किया है।
कार्यक्रम आयोजक झाबे राम प्रेमी ने बाबा साहिब द्वारा किए गए कार्यों पर संक्षेप में प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने संविधान में समाजवाद, मौलिक अधिकार,आरक्षण आदि तत्वों को समाहित किया। उस वक्त कोई भी आम नागरिक ऐसा सोच नहीं सकता था कि वे ऐसा कारनामा करेंगे जिसका हजारों सालों तक प्रभाव रहेगा और भारत की आधी आबादी को न्याय मिलेगा।
प्रेरक स्वयं सहायता समूह की सचिव वीना डोगरा ने बाबा साहिब डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर के कर्मों और संघर्षों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने समाज के वंचित ,शोषित,दलित, महिलाओं और श्रमिकों के कल्याण और उत्थान के लिए संविधान में प्रावधान किए।
इस अवसर पर एस.एस.बी. से सेवानिवृत लगन दास,पूर्व पंचायत समिति अध्यक्ष निरमण्ड बसंत लाल,प्रेरक स्वयं सहायता समूह की सचिव वीना डोगरा, पिंकू,पूनम आदि मौजूद रहे।इस कार्यक्रम में लगभग चालीस लोगों ने भाग लिया।
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