अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद संजौली इकाई द्वारा चुनाव आयोग एवम् जिला प्रशासन द्वारा की जा रही मनमानी के खिलाफ़ शुक्रवार को महाविद्यालय के प्राचार्य, शिमला जिला उपायुक्त, व उपमण्डल दंडाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
इस ज्ञापन के माध्यम से महाविद्यालय में चुनाव आयोग द्वारा किए गए कार्य को शीघ्र अतिशीघ्र रोकने की मांग की है।
संजौली महाविद्यालय कहने के लिए तो एकमात्र उत्कृष्ट महाविद्यालय है परंतु कोरोना महामारी के कारण पिछले 2 वर्षों से प्रत्येक विद्यार्थी शिक्षा से वंचित हो रहा था और साथ- साथ महाविद्यालय में होने वाली प्रत्येक सह पाठयक्रम गतिविधियों से वंचित रह रहा था। कहने को तो यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस है परंतु उत्कृष्ट विद्यार्थियों को क्यों इन सभी गतिविधियों से दूर किया जा रहा है। प्रशासन व प्रदेश सरकार छात्रों के साथ खिलवाड़ कर रही है।
महाविद्यालय में 3100 छात्र एवं छात्राएं अध्ययनरत है। लेकिन महाविद्यालय में मात्र 22 कक्ष, एक पुस्तकालय, एक सभागार है। जिसमें से 6 कक्ष चुनाव आयोग द्वारा पहले से ही ले लिए गए हैं और अन्य 7 कक्ष एक पुस्तकालय और एक सभागार को लेने की सूचना महाविद्यालय को आई है।
जिस कारण विद्यार्थियों की कक्षाएं नियमित रुप से नहीं लग पाएगी व कक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से लगाई जाएगी और विद्यार्थियों को पुनः शिक्षा से वंचित रहना पड़ेगा ।वर्तमान समय में भी कक्षाओं को कॉन्फ्रेंस हॉल में लगाया जा रहा है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रशासन एवं प्रदेश की सरकार से मांग करती है कि इस कार्य को शीघ्र अति शीघ्र रोका जाए और चुनाव आयोग द्वारा जो गतिविधियां महाविद्यालय में की जा रही है उन्हें ग्रामीण क्षेत्र में किया जाए नहीं तो विद्यार्थी परिषद आने वाले समय में उग्र आंदोलन करेगी जिसका खामियाजा प्रशासन एवं प्रदेश की सरकार को भुगतना पड़ेगा।
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