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    Wednesday, April 1, 2026

    अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा पानी में जहरीली दवा डालकर सैंकड़ों मछलियों को मारने का आया मामला सामने 

    अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा पानी में जहरीली दवा डालकर सैंकड़ों मछलियों को मारने का आया मामला सामने 

    हिमाचल प्रदेश (प्रकाश शर्मा)पालमपुर उपमंडल के अंतर्गत आने वाली करिनी खड्ड में अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा पानी में जहरीली दवा डालकर सैंकड़ों मछलियों को मारने का मामला तूल पकड़ गया है। इस गंभीर घटना के सामने आते ही प्रशासन और जल शक्ति विभाग पूरी तरह से अलर्ट हो गए हैं। जन स्वास्थ्य पर मंडराते खतरे और स्थानीय लोगों में फैले भारी आक्रोश को देखते हुए विभाग ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है।

    न्यूगल खड्ड की पेयजल योजनाएं बंद, सैंपल लिए गए
    मामले की गंभीरता को भांपते हुए जल शक्ति विभाग ने न्यूगल खड्ड पर स्थित अपनी सभी संबंधित पेयजल स्कीमों को एहतियातन बंद कर दिया है। जल शक्ति विभाग थुरल के अधिशासी अभियंता (एक्सियन) संदीप चौधरी ने बताया कि आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसीलिए जब तक पानी की जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक के लिए पेयजल आपूर्ति रोक दी गई है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को मौके पर भेजकर पानी के सैंपल एकत्र करवा लिए गए हैं। लैब से रिपोर्ट आने और पानी के सुरक्षित होने की पुष्टि के बाद ही सप्लाई बहाल की जाएगी।

    पुलिस और प्रशासन ने तेज की जांच, मामला दर्ज
    पानी में जहर घोलने के इस घिनौने कृत्य को अंजाम देने वालों की धरपकड़ के लिए पुलिस और प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है। इस मामले में उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) और पुलिस के पास औपचारिक रूप से रिपोर्ट दर्ज करवा दी गई है। पुलिस प्रशासन ने जनता को आश्वासन दिया है कि दोषियों की पहचान करने के लिए गहनता से जांच की जा रही है और जल्द ही उन्हें ढूंढकर कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।

    ग्रामीणों में भारी रोष, हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने की मांग
    इस घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी गुस्सा है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि यह केवल मछलियों का शिकार करने का मामला नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर हजारों लोगों की जान के साथ किया गया खिलवाड़ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस घटना को अंजाम देने वाले दोषियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी जघन्य हरकत करने की जुर्रत न कर सके।

    जांच रिपोर्ट का इंतजार, सतर्कता बरतने की सलाह
    पूरा क्षेत्र अब जल शक्ति विभाग की लैब रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहा है, ताकि यह साफ हो सके कि पानी पीने योग्य है या नहीं। फिलहाल एहतियात के तौर पर प्रशासन द्वारा इलाके के लोगों को पानी के उपयोग को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।


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