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    Friday, January 17, 2025

    एसएफ्आई एचपीयू इकाई ने दस प्रतिशत तक फीस बढ़ोतरी व अन्य मुद्द्दों को लेकर डीएस को सौंपा ज्ञापन।

     


    एस् एफ् आई  विश्विद्यालय इकाई  विवि द्वारा नए शैक्षणिक सत्र में नए संसाधन तलाशने को लेकर  रिसोर्स मोब्लाइजेशन कमेटी की बैठक में लिए गए फैसलों का विरोध किया  है।

    हिमाचल प्रदेश विवि आर्थिक संकट से उबरने के लिए अब नए शैक्षणिक सत्र में नए संसाधन तलाशने के नाम पर छात्रों को लूटने की योजना बनाई है। कुलपति प्रो. एसपी बंसल की अध्यक्षता में हुई रिसोर्स मोबलाइजेशन कमेटी की बैठक में लिए गए फैसलो में नए शैक्षणिक सत्र से एचपीयू में दस फीसदी बढ़ोतरी का फरमान लेकर आई है वह  छात्रों की जेब में डाका मारने की ओर इशारा करता है ।

    एसएफआई  का मानना है की  हिमाचल प्रदेश विवि में कुलपति प्रो. एस पी बंसल ने विश्वविद्यालय के लिए संसाधन जुटाने के नाम पर छात्रों को लूटने की योजना बनाई है ।

    प्रो. बंसल ने कहा कि विश्वविद्यालय में परिवहन सुविधाओं को निविदा और प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर आउटसोर्स किया जाएगा तथा विश्वविद्यालय की बसों में बस किराया एचआरटीसी बस किराए का 50 प्रतिशत लिया जाएगा। SFI का मानना है कि विश्वविद्यालय में 2019 से कोई नियमित भर्ती नहीं हुई है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन पहले भी दो बार गैर शिक्षक कर्मी की भर्ती के नाम पर दो बार छात्रों से आवेदन फीस ले चुका है लेकिन अभी तक कोई नियमित भर्ती नहीं कराई  है। विश्वविद्यालय में आउटसोर्स पर भर्ती की हैं और अब पुनः आउटसोर्स की नीति विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा अपनाई जा रही है । SFI इसका कड़ा विरोध करती है। कक्षाओं के लिए भी प्रवेश प्रक्रिया शुल्क लिया जाएगा।  कमेटी की इस मीटिंग में प्रो वाइस चांसलर, प्रो. राजिंदर वर्मा, डीन ऑफ स्टडीज, प्रो. बीके शिवराम, रजिस्ट्रार, डॉ. वीरेंद्र शर्मा, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर, प्रो. ममता मोक्टा, डीन प्लानिंग, प्रो जेएस धीमान, चीफ वार्डन, प्रो. आरएल जिंटा, वित्त अधिकारी, पीसी जसवाल और विश्वविद्यालय के वित्त और बजट विंग के अधिकारी मौजूद थे और सभी अधिकारियों की इसके ऊपर सहमति बनी।

    SFI का मानना है कि प्रशासन लगातार छात्र विरोधी नीतियां बना रहा है जिससे छात्रों को शिक्षा से दूर करने के लगातार प्रयास हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा किए जा रहे हैं।

    एस एफ आई विश्विद्यालय इकाई  इस निर्णय का विरोध करती है और उन्होंने  प्रशासन को चेतावनी दी  है कि अगर प्रशासन इस प्रकार के तुगलकी फरमान लाएगा तो SFI छात्रों को लामबंद कर उग्र आंदोलन करेगी जिसका जिम्मेवार हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन होगा।


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