जर्मनी में भारी बिकवाली के बाबजूद बिटकॉइन ने मारी बड़ी छलांग, जानें क्या है बड़ा कारण
Cryptocurrency: अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव की जंग तेज होती जा रही है. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) पर हुए जानलेवा हमले ने इस चुनाव का पलड़ा उनकी ओर झुका दिया है.
हालांकि, इस हमले से राजनीतिक फायदे के साथ-साथ डोनाल्ड ट्रम्प से जुड़ी कंपनियों और क्रिप्टो मार्केट में भी रौनक आ गई है. डोनाल्ड ट्रम्प क्रिप्टोकरेंसी के समर्थक माने जाते हैं. इसके चलते बिटकॉइन की कीमतें 65 हजार डॉलर के पार निकल गई हैं. इसके अलावा अन्य क्रिप्टोकरेंसी ने भी बढ़त का रास्ता पकड़ लिया है.
स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ आया 16 अरब डॉलर का निवेश
कॉइनस्विच मार्केट्स डेस्क के अनुसार, जनवरी में लॉन्च होने के बाद से स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ (Spot Bitcoin ETF) में अब तक 16 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश आ चुका है. सिर्फ इसी हफ्ते में 30 करोड़ डॉलर आए हैं. बिटकॉइन की कीमतें 3 फीसदी बढ़कर 65,758 डॉलर तक पहुंच गई हैं. ईथरम, बीएनबी, टीथर, एक्सआरपी, डॉगकॉइन, कार्डानो, ट्रॉन, एवलांच और शीबा इनु में 11 फीसदी तक की बढ़त देखी गई है.
जर्मनी द्वारा भारी बिकवाली का भी नहीं पड़ा प्रभाव
जर्मन सरकार द्वारा भारी बिकवाली के बावजूद बिटकॉइन मजबूत बना हुआ है. कई अरब डॉलर की बिक्री होने के बावजूद बिटकॉइन मजबूत बना हुआ है. इस मजबूती से बाजार में पॉजिटिव सेंटीमेंट बना है. बिटकॉइन अब स्थिरता की ओर बढ़ रहा है और अच्छा प्रदर्शन कर रहा है. इसके 71,500 डॉलर के स्तर तक जाने की पूरी संभावना है. सरकार से मंजूरी हासिल कर चुके स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ की चलते निवेशकों का भरोसा इसमें मजबूत हुआ है.
हर साल जून से बेहतर प्रदर्शन जुलाई में करता है बिटकॉइन
वर्ल्डकॉइन के WLD में 20 फीसदी का उछाल आया है. सैम ऑल्टमैन समर्थित इस टोकन में लंबी मंदी का दौर समाप्त हो गया है. एक्सआरपी (XRP) और नियर प्रोटोकॉल (Near Protocol) जैसे अल्टकॉइन इस मामले में अग्रणी हैं. पहले भी जुलाई में बिटकॉइन ने जून से बेहतर प्रदर्शन किया है. इस साल भी चुनौतियों के बावजूद यह अपना इतिहास दोहराता दिखाई दे रहा है.
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