121 साल पुराने ऐतिहासिक शिमला और बैजनाथ-पपरोला रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जाएगा। कंसल्टिंग एजेंसी के आर्किटेक्ट रेलवे के अधिकारियों के साथ मिलकर इस कार्य में जुट गए हैं।
रेलवे यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से शुरू की गई केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना में 121 साल पुराने ऐतिहासिक शिमला और बैजनाथ-पपरोला रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जाएगा। बैजनाथ-पपरोला रेलवे स्टेशन के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू भी हो गया है। वहीं, उत्तर रेलवे ने शिमला स्टेशन के पुनर्निमाण के लिए सर्वे का कार्य शुरू करवा दिया है। कंसल्टिंग एजेंसी के आर्किटेक्ट रेलवे के अधिकारियों के साथ मिलकर इस कार्य में जुट गए हैं। योजना के तहत देश-विदेश से ट्रेन के माध्यम से शिमला पहुंचने वाले यात्रियों को आधुनिक रेस्तरां की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे वे पहाड़ों की रानी की खूबसूरती को निहारने के साथ ही लजीज व्यंजनों का लुत्फ भी उठा सकेंगे। रेस्तरां को वेटिंग हॉल के ऊपर बनाने की योजना है
इसके अलावा रिटायरिंग हॉल का विस्तार भी किया जाएगा। इससे यहां आने वाले सैलानियों को विश्राम करने के लिए अधिक स्थान की उपलब्धता हो पाएगी। वर्ष 1903 से संचालित रेलवे स्टेशन की ऐतिहासिकता को बरकरार रखने के लिए लकड़ी की पैनलिंग का कार्य भी किया जाएगा। उत्तर रेलवे अंबाला मंडल के गति शक्ति यूनिट की देखरेख में इस योजना को अमलीजामा पहनाने का काम किया जा रहा है। कंसल्टिंग एजेंसी का सर्वे पूरा होने के बाद रेलवे विभाग की अंतिम मंजूरी के बाद ही स्टेशन के पुनर्निमाण का कार्य शुरू किया जाएगा।
रेलवे स्टेशन के फर्श पर बिछाया जाएगा ग्रेनाइट
ऐतिहासिक रेलवे स्टेशन शिमला की सुंदरता को चार-चांद लगाने के लिए इसके फर्श पर ग्रेनाइट बिछाने की योजना है। इसके अलावा स्टेशन पर बने फुट ओवरब्रिज पर शेड बनाने की भी योजना है। इससे बारिश के मौसम में यहां से गुजरने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा कई अन्य कार्यों को भी इस योजना के तहत अमलीजामा पहनाया जाएगा। केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के 1,309 रेलवे स्टेशनों का पुनर्निमाण किया जाना है। वर्ष 2023 में रेलवे ने इस योजना की शुरुआत की है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना का शुभारंभ किया था। इसका मकसद देश-दुनिया से आने वाले सैलानियों और हर रोज ट्रेन में सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।
90 फीसदी केंद्र और 10 फीसदी राज्य सरकार दे रही बजट
कांगड़ा घाटी की लाइफ लाइन जोगिंद्रनगर-पठानकोट रेलवे ट्रैक में आने वाले बैजनाथ-पपरोला रेलवे स्टेशन के जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ 27 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल वर्चुअल माध्यम से किया था। लैंडस्केप के साथ सर्कुलेटिंग एरिया का विकास किया जा रहा है। रेलवे स्टेशन में यात्रियों के लिए प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग द्वार बनाए जाएंगे। फोर व्हीलर, टू व्हीलर और ऑटो रिक्शा के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल बनाए जा रहे हैं। यात्री क्षमता के अनुसार प्रवेश हॉल के अतिरिक्त प्लेटफाम को चौड़ा किया गया है। बड़े रेलवे स्टेशन की तर्ज पर आने और जाने वाली ट्रेनों की जानकारी के लिए प्लेटफार्म पर इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटराइज्ड मीटर स्थापित किए गए हैं। कंप्यूटर से लैस आधुनिक बुकिंग सेंटर और आधुनिक कैंटीन का निर्माण प्रस्तावित है। रेलवे के प्रतिनिधि ने बताया कि इस कार्य के लिए डिजाइन और आवश्यकता के अनुसार धनराशि मुहैया करवाई जा रही है। योजना के तहत 90 प्रतिशत धनराशि केंद्र सरकार और 10 प्रतिशत प्रदेश सरकार की ओर से खर्च की जाएगी।News source
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