हिमाचल प्रदेश में पंचायतों में विकास कार्यों में करोड़ों रुपये की धनराशि के दुरुपयोग के मामले में पंचायत प्रधानों और अधिकारियों के खिलाफ वसूली नोटिस जारी किए गए हैं। पंचायतीराज विभाग ने पंचायतों के माध्यम से करीब 150 जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों के विरुद्ध बकाया वसूली के लिए नोटिस जारी किए हैं। ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के 13 विकास खंडों से करीब 1.83 करोड़ रुपये की धनराशि में गड़बड़ियां पाई गई हैं। तत्कालीन पंचायत प्रधान, पूर्व प्रधान, सचिव एवं तकनीकी अधिकारियों से भी वसूली की जानी हैं। इसके अलावा कई पूर्व प्रधानों पर भी गाज गिरना लगभग तय है। गौरतलब है कि गांवों की तरक्की, विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए ग्राम निधि में पंचायतीराज विभाग की ओर से करोड़ों की राशि जारी की जाती है।
अक्तूबर 2023 की मासिक ऑडिट रिपोर्ट में ग्राम पंचायतों में दोबारा अनियमितता उजागर हुई है। इसमें केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं से कार्य के लिए जारी राशि के दस्तावेजों में गड़बड़ियां पकड़ी गईं हैं। इसके तहत जनप्रतिनिधियों से करीब 1.42 करोड़ और अधिकारियों से करीब 41 लाख की राशि वसूली जानी है। हालांकि सितंबर महीने में सिर्फ अधिकारियों की ओर से महज 1,925 रुपये की वसूली कर राशि ग्राम निधि खाता में जमा करवाई गई है। बता दें कि मंडी, कांगड़ा के बाद शिमला जिला वसूली रिपोर्ट में तीसरे नंबर पर है। इधर जिला पंचायत अधिकारी यशपाल शर्मा ने बताया कि पंचायत प्रधान और कर्मियों से वसूले जाने वाली धनराशि के लिए नोटिस जारी किए हैं।
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