घर बनाने के लिए सीमेंट भी सरकारी रेट (280 रुपये प्रति बैग) पर दिया जाएगा। आवास निर्माण के दौरान बिजली-पानी का खर्चा भी सरकार ही उठाएगी। कच्चे-पक्के मकानों को नुकसान पहुंचने पर आर्थिक मदद 15 से 25 गुणा बढ़ाई गई है। सरकार भूमिहीनों को मकान बनाने के लिए शहरी क्षेत्र में दो और गांव में तीन बिस्वा भूमि देगी। राज्य में 16 हजार से अधिक घर आपदा से पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
सुक्खू ने शनिवार को सचिवालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बरसात में हुए नुकसान की भरपाई के लिए ‘पुनरुत्थान और पुनर्वास’ नाम से विशेष पैकेज की घोषणा की। पैकेज सात जुलाई से 30 सितंबर की अवधि के बीच लागू रहेगा। पैकेज में आवास के ढांचागत नुकसान के अलावा मवेशियों, कृषि और बागवानी भूमि के नष्ट होने की स्थिति में राहत राशि जारी होगी।
विशेष बात है कि किसी भी तरह के राहत पैकेज के लिए सालाना आय सीमा लागू नहीं होगी। सरकार विभागों के बजट में कटौती कर और अपने संसाधनों से पैकेज देगी। केंद्र से आपदा राहत के नाम पर मदद नहीं मिली है। जो राशि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ में मिली है, वह पहले से देय थी।
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